पानीपत। पौधरोपण करते हुए सुनील प्रधान व साथ में मौजूद अन्य।
- फोटो : Panipat
पानीपत। प्रकृति को बचाना सभी का कर्त्तव्य है, ऐसे में सभी को मिलकर पौधरोपण करने की दिशा में सार्थक कदम उठाने की आवश्यकता है। यह कहना है जिले के प्रकृति प्रेमियों का। जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण दिवस पर जिलेवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।
सुनील परढ़ाना कर रहे 11 हजार पौधों की देखभाल
प्रकृति प्रेमी नाम से चर्चित गांव परढ़ाना निवासी सुनील परढ़ाना ने अपने जीवन का उदेश्य प्रकृति संरक्षण बना लिया है। कई वर्षों से लोगों को पर्यावरण एवं प्रकृति संरक्षण के लिए जागरूक कर रहे हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए सेमिनार के साथ साथ डोर टू डोर जागरूकता अभियान भी चलाते हैं। अब तक 16 हजार पौधे रोपित कर चुके है और उनकी देखभाल का ही नतीजा है कि इनमें से 11 हजार पौधे जीवित हैं और वृक्ष बन रहे हैं।
जिले में 3252 पौधे लगा चुकी हैं सुनीता गोयल
पर्यावरण की ओर अग्रसर पानीपत निवासी सुनीता गोयल अभी तक 3252 पौधे लगा चुकी हैं। वह पौधरोपण के साथ-साथ लोगों को जागरूक भी करने का काम करती हैं। सुनीता का कहना है कि हम दिन भर में इतनी सारी चीजें लकड़ी से बनी इस्तेमाल करते हैं, जो हमें पर्यावरण से मिलती हैं। हम प्रकृति से जितनी लकड़ी लेते हैं, उतनी हमें लौटानी भी होती है, अन्यथा एक दिन ऐसा आएगा कि सारा जंगल नष्ट हो जाएगा और हमारी पीढ़ियां सांस लेने को भी तरसेंगी। इसीलिए हम सबको अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए ताकि हम खुली हवा में सांस ले सकें। खाली पेड़ लगाना ही नहीं बल्कि उनका पालन पोषण करना भी हमारा लक्ष्य है।
कोरोना महामारी की पहली लहर में चलाई थी पौधरोपण मुहिम
गांव नौल्थ निवासी सुनील कपूर पिछले डेढ़ वर्ष से पर्यावरण संरक्षण एवं पौधरोपण को लेकर अपनी मुहिम चला रहे हैं। वह अब तक 10 हजार पौधरोपण अकेले कर चुके हैं। सुनील ने बताया कि कोरोना के समय में जब सब कुछ थम गया था, तब उनके मन में घर बैठे ही पर्यावरण के संरक्षण की मुहिम चलाने का ख्याल आया। तब से लेकर अब तक अलग-अलग गांव एवं मोहल्ले में पौधे लगा रहे हैं। वह अपने साथ अब युवा साथियों को भी जोड़ रहे हैं।