पानीपत। उपायुक्त से उनके निवास स्थान पर मिलने पहुंचे ग्रामीण ।
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पानीपत। दिसंबर से लगातार टोल प्लाजा के आसपास के गांव वासियों के प्रदर्शन को देखते हुए शनिवार को उपायुक्त ने एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित की। यह टीम गांव वासियों की मांग को आगे रखेगी, ताकि पानीपत में एलएंडटी कंपनी के टोल प्लाजा को फ्री कराया जा सके।
इस टोल प्लाजा को फ्री कराने की मांग को लेकर आसपास के 10 गांव के लोग महीने भर में दो बार प्रदर्शन कर चुके है। प्रशासन से उन्हें कार्रवाई का आश्वासन मिला था। अब शनिवार को उपायुक्त ने एसडीएम के साथ इस संबंध में कमेटी बनाई है। यह दिल्ली जाकर टोल फ्री कराने की मांग करेगी। यह टीम गठित होने से टोल प्लाजा के आसपास के गांव में खुशी का माहौल है।
टोल प्लाजा के आसपास के गांव के मुख्य लोग सभी लघु सचिवालय पहुंचे और प्रशासन के इस फैसले पर खुशी जताई। गांव के सरपंचों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द टोल गांव वासियों के लिए फ्री करवाना चाहिए ताकि उन्हें इसका लाभ मिले। गांव वासियों का कहना है कि उन्हें रोजाना दो से तीन बार बाजार में जाना पड़ता है और हर बार पैसे देकर जाना पड़ता है। इसके साथ साथ सेक्टर-18 के लोगों को भी पानीपत से में आने के लिए टोल का भुगतान करना पड़ता है।
गांववासी बोले- 13 साल से दे रहे टोल
पानीपत टोल प्लाजा के आसपास के 10 गांव और सेक्टर-18 के लोग पानीपत टोल प्लाजा के बनने के बाद से रोजाना दो से तीन बार टोल प्लाजा का भुगतान कर रहे हैं। गांव वासियों का कहना है कि वे 13 साल से टोल पर टैक्स दे रहे हैं। यह भी कहा कि देश के सभी टोल पर आसपास की आईडी देखकर फ्री में वाहन ले जाने दिया जाता है, लेकिन पानीपत टोल प्लाजा पर इस तरह के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा।
हमारी समस्याओं को देखते हुए उपायुक्त ने कमेटी का गठन किया है। इससे पानीपत टोल से सटे किसानों में खुशी का माहौल है। टोल पार करके गांजबड़ तक ज्यादातर किसान ही रहते है। इन्हें गाड़ी व ट्रैक्टर शहर में ले जाने के लिए भी रोजाना दो सौ से तीन सौ टोल देना पड़ता था। यदि टोल फ्री हो जाएगा तो गांव के किसानों संग शहरवासियों को भी लाभ मिलेगा। - बिंटू मलिक, पूर्व उपप्रधान, भाकियू