पानीपत। शहर की छह सड़कों की सफाई के लिए प्रति माह 94 लाख रुपये प्रति माह के खर्च का टेंडर रद्द हो गया है। साथ ही विवादों में घिरी सुपर सकर मशीन के टेंडर भी रद्द कर दिया गया। इसके अलावा दो जोन में शहर की सफाई का टेंडर फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इस पर फैसला उत्तर प्रदेश चुनाव के बाद ही होगा क्योंकि निगम आयुक्त की इसमें ड्यूटी लगाई गई है।
मंगलवार की दोपहर दो जोन में सफाई के टेंडर के विरोध में 13 पार्षदों ने बैठक की थी। निगम आयुक्त को एक ज्ञापन तक सौंपा। इसमें छह सड़कों की सफाई का टेंडर रद्द करने की भी मांग की गई थी। पार्षदों ने शहर 26 वार्डों के लिए वार्ड वार टेंडर लगाने की मांग भी रखी। इसके कुछ ही घंटे बाद निगम की ओर से पत्र जारी किया गया, जिसमें छह सड़कों के साथ ही सुपर सकर मशीन के टेंडरों को रद्द करने की बात थी।
इन दोनों टेंडरों को निगम ने 31 जनवरी 2022 से रद्द कर दिया है।
छह सड़कों की सफाई के टेंडर का रद्द करने की मांग करीब चार माह पहले हुई सदन की बैठक में उठी थी। पार्षदों के साथ ही सांसद और विधायक ने इस शहर पर बोझ करार देते हुए रद्द करने के लिए कहा था। हालांकि सफाई के काम के लिए अन्य विकल्प नहीं होने पर टेंडर को बढ़ा दिया गया था। शहर की सफाई पर हो रहे अत्यधिक खर्च के साथ ही इन टेंडरों के विरोध की खबरों को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाया था।
इन पार्षदों ने हस्ताक्षर कर किया था विरोध
वार्ड नंबर-15 की पार्षद सुमन छाबड़ा के कार्यालय में मंगलवार को जनप्रतिनिधियों की बैठक में इन टेंडरों का विरोध हुआ। इसके बाद वार्ड नंबर-9 की पार्षद मीनाक्षी नारंग, वार्ड-22 की पार्षद चंचल डाबर, वार्ड-11 की पार्षद कोमल सैनी, वार्ड-14 पार्षद की शकुंतला गर्ग, वार्ड-17 की पार्षद प्रमोद देवी, वार्ड- तीन की पार्षद अंजलि शर्मा, वार्ड- 10 के पार्षद रविंद्र भाटिया, वार्ड- 19 की पार्षद निशा, वार्ड -23 के पार्षद अश्वनी धींगड़ा, वार्ड-चार के पार्षद रविंद्र नागपाल और वार्ड- आठ की पार्षद चंचल सहगल समेत वार्ड-18 के पार्षद बलराम मकौल ने हस्ताक्षर किए। इन टेंडरों को रद्द करने के लिए निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन को सांसद, शहरी और ग्रामीण विधायक के साथ ही निगम के तीनों मेयर को भेजा गया।
पहले ही किए टेंडर रद्द, नया स्थगित
निगम ने छह सड़कों की सफाई और सुपर सकर मशीन का टेंडर पहले ही रद्द कर दिया था। इसके अलावा दो जोन में सफाई के टेंडर को अभी स्थगित किया गया है। चुुनाव में ड्यूटी होने के कारण व्यस्त हूं। आने के बाद निगम जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर इस पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके बाद फैसला होगा कि इस टेंडर को खोला जाए या नहीं। - आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत