पानीपत। निकासी में शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली ड्रेन नंबर एक की सफाई अब शुरू होने जा रही है। प्री मानसून की तैयारियों को लेकर निगम ने अब ड्रेन की सफाई का प्लान बनाया है। हालांकि एक बार जेसीबी मशीनों से इसकी सफाई करवाने की योजना बनाई थी जो सिरे नहीं चढ़ सकी। जिसके बाद अब पोकलेन मशीनों से इसकी सफाई कराई जाएगी। आचार संहिता के चलते टेंडर न होने की सूरत में निगम इन मशीनों को किराए पर लेगा जबकि दोनों सफाई एजेंसिंयों से ड्रेन की सील्ट निकालने के लिए ट्रैक्टर ट्राली लिए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि वे मानसून से पहले ड्रेन की सफाई करवा देंगे।
गौरतलब है कि पहले ड्रेन नंबर एक की सफाई सिंचाई विभाग करवाता था। जिस पर सिंचाई विभाग महज 10 से 11 लाख रुपये खर्च किया करता था। केवल पिछले साल से सिंचाई विभाग ने ड्रेन को नगर निगम के हैंडओवर किया है। पिछले साल ही निगम ने इसकी सफाई तो कराई लेकिन सिंचाई विभाग के बजट से पांच गुणा ज्यादा में कराई। निगम ने ड्रेन की सफाई इंजीनियरिंग ब्रांच से करीब 58 लाख रुपये में कराई थी। अब फिर से ड्रेन की सफाई का काम निगम के जिम्मे आ गया है। देखना ये है कि अब निगम इसकी सफाई कितने में करवाता है। इस समाचार को अमर उजाला ने 23 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिस पर निगम अधिकारियों ने संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि ड्रेन नंबर एक से सात वार्डों की 35 से ज्यादा कॉलोनियां सटी हैं। जबकि इस पर आधे से ज्यादा शहर की निकासी निर्भर करती है। फिलहाल ड्रेन में इतना कचरा भरा हुआ है कि इसमें गंदे पानी की जगह कचरा ही नजर आता है। अगर ड्रेन की सफाई नहीं कराई गई तो ड्रेन ओवरफ्लो हो जाएगी और गंदा पानी शहर की सड़कों पर होगा। इस विषय को लेकर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए हैं कि वे अपनी मशीनरी और मैनपावर से ड्रेन की सफाई कराएं।
वर्जन:
प्री मानसून की तैयारियों के चलते अब ड्रेन की सफाई कराई जाएगी। इसकी सफाई पोकलेन मशीनों से होगी। जिसकी तैयारियां कर ली गई हैं।
राहुल पूनिया, एक्सईएन, नगर निगम।