पानीपत। शहर की पानी निकासी में फेल साबित नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और एलएंडटी के अधिकारियों ने उपायुक्त के पिछले साल सुझाए प्रोजेक्ट पर ही कुंडली मार ली। जीटी रोड के समानांतर नाला बनाकर शहर के पानी को ड्रेन नंबर-दो में बारिश का पानी पहुंचाने की योजना थी। अधिकारियों ने इन एक साल में इस पर कोई काम नहीं किया। यह प्रोजेक्ट आज भी पाइपलाइन में है।
दरअसल पिछले साल जीटी रोड समेत पूरे शहर में बारिश का पानी जमा हो गया था। बीबीएमबी में भी पानी घुस गया था। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एलएंडटी और मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को साथ लेकर जीटी रोड का दौरा किया था। उस समय पानी निकासी करा दी थी। उपायुक्त ने ड्रेन नंबर-वन की कैपेसिटी कम नजर आने पर बाबरपुर गांव के साथ गुजर रही ड्रेन नंबर-दो में पानी डालने के बारे में सुझाव दिया था। अधिकारियों ने इस पर काम करने का भरोसा दिया था। इसके बाद मौसम सामान्य हो गया। अधिकारी भी शहर के हित में बनाए जाने वाले प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डालकर दूसरी योजनाओं में लग गए। अब बारिश के दिनों में जीटी रोड समेत शहर में जलभराव हुआ तो अधिकारियों को भी नाला बनाने का प्रोजेक्ट याद आया।
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अब ड्रेन नंंबर-वन पानी निकासी का सहारा
शहर के बीचोबीच से ड्रेन नंबर-वन गुजर रही है। बरसाती पानी को लेकर शहर के लिए लाइफ लाइन मानी जाती है। इसकी गहराई पांच से छह फीट है। अब शहर के नालों को भी इससे जोड़ दिया गया है। ऐसे में थोड़ी सी बारिश आने पर ड्रेन नंबर-वन ओवरफ्लो हो जाती है। ऐसा होने पर नालों का पानी रुक जाता है। यह सारा पीछे गलियों व सड़कों पर जमा हो जाता है। दो या तीन घंटे बाद ही पानी सामान्य होता है।
एनएचएआई की मंजूरी न मिले तो एक अन्य रास्ता
जीटी रोड के समानांतर नाला बनाने की एनएचएआई मंजूरी नहीं देता है तो प्रशासन के पास ड्रेन नंबर-दो तक बारिश का पानी पहुंचाने का एक और रास्ता है। देवी मंदिर के नजदीक ड्रेन नंबर-वन से पानी को पंप के माध्यम ड्रेन नंबर-दो तक पहुंचाया जा सकता है। इसके लिए देवी मंदिर से भावना चौक से लेकर भैंसवाल चौक तक पाइप दबाई जा सकती है। यहां से बरसत रोड से होते हुए ड्रेन नंबर-दो तक पानी आसानी से पहुंचाया जा सकता है। इसमें करीब छह किलोमीटर लंबाई में काम कराना पड़ेगा।
वर्जन :
पिछले साल बारिश का पानी जीटी रोड व अन्य स्थानों पर जमा हो गया था। इसको देखते हुए पानी निकासी के लिए जीटी रोड के समानांतर नाला बनाकर ड्रेन नंबर दो में पानी पहुंचाना था। यह प्रोजेक्ट एनएचएआई की पाइप लाइन में है।
डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।
वर्जन :
पानीपत में जीटी रोड के दोनों साइडों में नाले का प्रोजेक्ट नहीं आया है। ऐसा कोई प्रोजेक्ट है तो उस पर संबंधित अधिकारी से बात की जाएगी।
अशीम बंसल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई, अंंबाला।
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