पानीपत। पुलिस के सीआईए-टू थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर सौरभ और मुंशी समेत तीन कर्मचारियों को सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके साथ थाने के संतरी एसपीओ को हटा दिया गया है। उन पर सरकारी काम में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है। अधिकारियों ने इतनी बड़ी कार्रवाई में दर्ज मुकदमे को छुपा लिया गया। इस मामले की विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है। ऐसे में प्रभारी समेत चारों पुलिसकर्मियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस अधीक्षक ने फिलहाल एंटी नारकोटिक्स सेल के प्रभारी संदीप सिंह को सीआईए-टू का प्रभार सौंपा है।
उल्लेखनीय है कि जिला जज सुदेश कुमार ने हाईकोर्ट में चल रहे एक मामले में चार मई को सीआईए-टू थाना का औचक निरीक्षण किया था। हाईकोर्ट ने 2022 में चल रहे एक मामले में वास्तविक स्थिति मांगी थी। वे सरकारी गाड़ी में सीआईए-टू थाना पहुंचे थे। यहां काफी देर तक उनको गेट पर ही रोके रखा गया। जिला जज इस पर नाराज हो गए। उन्होंने हाईकोर्ट में थाना के गेट खोलने में देरी की रिपोर्ट दी। हाईकोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया और मामले में कार्रवाई करने के आदेश दिए।
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डीएसपी के बयान पर मुकदमा दर्ज
डीएसपी संदीप सिंह ने इस मामले में औद्योगिक थाना सेक्टर-29 में मुकदमा दर्ज कराया। इसमें आईपीसी की धारा 188, 353, 341 और 34 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले में थाने में उस समय तैनात संतरी का नाम दिया गया है। पुलिस ने 34 आईपीसी की धारा भी लगाई है। इसमें अन्य पुलिसकर्मियों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है। थाना पुलिस ने 12 मई को मुकदमा दर्ज किया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने सीआईए-टू प्रभारी सब इंस्पेक्टर सौरभ, मुंशी प्रवीण और सब इंस्पेक्टर जयवीर को सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया। संतरी के रूप में गेट पर तैनात एसपीओ को नौकरी से हटा दिया है।
वर्जन :
जिला जज हाईकोर्ट में चल रहे एक पुराने मामले में जांच के लिए सीआईए-टू थाना गए थे। यहां संतरी ने गेट देरी से खोला। उनके खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। सीआईए-टू प्रभारी समेत तीन को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसमें आगामी कार्रवाई की जा रही है।
अजीत सिंह शेखावत, एसपी।