पानीपत। कृषि विभाग की टीम ने रिफाइनरी रोड पर अवैध रूप से सल्फर बनाने की एक कंपनी का भंडाफोड़ किया है। कृषि विभाग ने यहां से सल्फर के छह सैंपल भरे हैं और इनको सील कर दिया है। कृषि विभाग की टीम ने थाना सदर पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। कृषि विभाग ने अपनी शिकायत में कंपनी के प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई है। थाना सदर पुलिस ने इस मामले में आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
कृषि विभाग के गुण नियंत्रण निरीक्षक ने थाना सदर पुलिस को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि महाधन एग्री टेक लिमिटेड एक खाद निर्माता कंपनी है। यह कंपनी सल्फर खाद का निर्माण करती है। कंपनी को अधिसूचित प्राधिकारी के नियम 8 (3) के तहत नोटिस दिया गया है। विभाग की टीम ने एक नियमित निरीक्षण किया। यहां सल्फर खाद के अलावा स्मार्टचेम टेक्नोलॉजी लिमिटेड नजदीक एसएसआईआईडी द्वारा निर्मित खाद बनाकर विभिन्न पैकिंग में बिक्री के लिए रखा गया था। प्लांट इंचार्ज से पूछा तो उन्होंने बताया कि कंपनी का नाम पहले स्मार्टचेम टेक्नोलॉजी लिमिटेड था। जिसे कंपनी प्रबंधन द्वारा 2023 में नाम बदलकर महाधन एग्री टेक लिमिटेड हो गया था। लेकिन कंपनी के पुणे महाराष्ट्र में कार्यरत वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर बनाया गया है।
स्मार्टचेम टेक्नोलॉजी लिमिटेड का एग्रीमेंट सात अप्रैल 2021 से 26 मार्च 2026 तक का हुआ था, लेकिन कंपनी के प्रबंधन के अधिकारियों के आदेश पर कंपनी का नाम बदले जाने के उपरांत भी लगातार कार्य पुराने कंपनी के नाम से ही किया जा रहा है। कंपनी का मौजूद रिकार्ड जांचा गया। यहां कंपनी का नाम बदले बिना भारी मात्रा में 93 मीट्रिक टन बोनटोनिक सल्फर अवैध रूप से श्रीराम राम कंपनी को लगातार भेजा गया था। संयुक्त टीम ने महाधन एग्री टैक लिमिटेड द्वारा निर्मित सल्फर के छह नमूने जांच के लिए गए हैं। मौके पर भी कंपनी ने अवैध रूप से खाद करने बारे नोटिस जारी किया गया। कंपनी को इसके लिए समय दिया, लेकिन इसका कोई जवाब नहीं दिया गया। एक-एक नमूना गुणवत्ता जांच के लिए मौके पर ही सील किया गया। जिसे जांच के लिए लैब में भेजा गया।
कंपनी ने नाम बदले बिना पैकिंग मेटेरियल पुरानी कंपनी के नाम से छपवाने और एक ऐसी कंपनी के नाम से पैकिंग करवाया। जिसका कोई अस्तित्व नहीं है। इस कंपनी के पास खाद बनाने का कोई लाइसेंस नहीं है। उत्तरदायी व्यक्ति अशोक कुमार हैं। इनके साथ कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रबंधन का भी हाथ है। मिलीभगत कर बड़ी कंपनी गैरकानूनी कार्य कर सकें। ऐसे में किसानों के सल्फर के प्रयोग करने पर किसी प्रकार का नुकसान होने पर शिकायत करने पर कंपनी को तलाश कर पाना मुश्किल होगा। सदर थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि इस मामले में शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस इसमें आगामी कार्रवाई कर रही है।