पानीपत जिले के सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले 80 हजार
विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी है। विद्यार्थियों को दो दिन बाद विभाग की ओर
से मुफ्त किताबें मिल जाएंगीं और उनका लंबे इंतजार के बाद बस्ता (स्कूल
बैग) भारी हो जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने भी इसको लेकर खास हिदायत दे दिए हैं और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों ने बच्चों तक किताब पहुंचाने के लिए कमर कस ली हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों की पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें दी जाती हैं। इस साल ये किताब मौलिक शिक्षा विभाग की ओर से दी जानी सुनिश्चित हुई थी। लेकिन समय पर प्रिंटिंग नहीं होने के कारण बच्चों तक नहीं पहुंच सकी थी। विद्यार्थियों को पुरानी किताबों का सहारा लेना पड़ा था। पहली और दूसरी कक्षा की किताबें विद्यार्थियों को मिल चुकी थी और तीसरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को किताबों का इंतजार था।
चौबीस घंटे में देनी होगी रिपोर्ट
मौलिक शिक्षा निदेशक ने सभी शिक्षा अधिकारियों को 24 घंटे में किताबें विद्यार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश हैं। इसको लेकर सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों की बैठक भी ली है। शिक्षा विभाग की ओर से दो दिन बाद किताब पहुंच जाएंगी और खंड स्तर से 24 घंटे तक किताब स्कूलों में विद्यार्थियों तक पहुंच जाएंगी।
देनी होगी स्टीक की जानकारी
खंड और जिला स्तर के विभागीय अधिकारियों को किताबों की स्टीक जानकारी निदेशालय को देनी होगी। इसके लिए निदेशालय की ओर से एक प्रोफार्मा दिया है। सभी अधिकारियों को वह भरकर देना होगा। इसके अलावा किताबों के टाइटल और कक्षा की किताबों की संख्या भी स्पष्ट करनी होगी।
अगले साल नहीं होगी परेशानी
सरकारी स्कूलों में इस बार बेशक किताबें देरी से पहुंची हों, लेकिन अगले साल विद्यार्थियों को किताब न मिलने पर परेशान नहीं होना पड़ेगा। स्कूल में विद्यार्थियों को दी जाने वाली किताबों को कक्षा में पास होने पर वापस ले लिया जाएगा और अगले साल कक्षा में आने वाले विद्यार्थियों को किताबें दे दी जाएंगी।
विद्यार्थी बोले-अब मिली राहत
विद्यार्थियों को कई माह के लंबे इंतजार के बाद किताब मिलने के संकेत पर खुशी का ठिकाना नहीं है। छठी कक्षा की दीक्षा और दीप्ति ने बताया कि वे एक-दूसरे की पुरानी किताबों से पढ़ रहे थे। अब किताबें मिल जाएगीं तो परेशानी नहीं होगी।
इन विद्यार्थियों को मिलेंगी किताबें
कक्षा विद्यार्थी
पहली 6,478
दूसरी 9,780
तीसरी 10,919
चौथी 10654
पांचवीं 11,551
छठी 10,467
सातवीं 10,270
आठवीं 10,059
कुल 80,178