भीषण गर्मी में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने स्कूलों का समय बदल दिया है। चार मई से सभी राजकीय और निजी विद्यालयों के खुलने का समय सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। अब तक स्कूलों का समय सुबह आठ बजे से दोपहर 2:30 बजे तक था। इस निर्णय पर विद्यार्थियों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। अभिभावकों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच बच्चे दोपहर में हांफते हुए घर पहुंच रहे थे। इससे बच्चों के बीमार होने की आशंका सताने लगी थी। स्कूलों का समय बदलने से राहत मिलेगी।
इस बार अप्रैल मेें ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। तापमान भी 45 डिग्री के पार पहुंच गया था। दिन निकलने के साथ ही सूरज किरणें शरीर झुलसाने लगती थीं। इस बीच स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को रोजाना भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। गर्मी के कारण बच्चे बीमार पड़ रहे थे। भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूलों का समय कम करने की मांग उठने लगी थी। सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए चार मई से सभी स्कूलों का समय बदलने के आदेश दिए हैं। यह आदेश सभी राजकीय व निजी विद्यालयों में लागू होंगे। इस बारे में सभी स्कूलों को निर्देश दे दिए हैं। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि सभी स्कूलोें को नियमों की पालना करनी होगी। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजकीय स्कूलों में नियमानुसार एक से 30 जून तक ग्रीष्मावकाश होता है। इस बार गर्मी अप्रैल से ही अपने तेवर दिखा रही है। भीषण गर्मी के बीच घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावक भी चिंतित है। गर्मी में बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए सरकार ने स्कूलों का समय कम कर दिया है। संभावना है कि ग्रीष्मावकाश को भी एक जून से पहले किया जा सकता है। हालांकि शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि इससे संबंधित किसी प्रकार के आदेश नहीं मिले हैं, जैसे निर्देश मिलेंगे, उसी के अनुसार कार्य किया जाएगा।
भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूलोें का समय बदल दिया है। 4 मई से सभी राजकीय व निजी विद्यालयों का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। सभी स्कूलों को नियमों का पालन करना होगा। नियमों की अवहेलना करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ग्रीष्मावकाश से संबंधित किसी प्रकार का आदेश नहीं मिला है। जैसे आदेश मिलेंगे, उसी के अनुसार कार्य किया जाएगा।
- रमेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।