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शिकायत पर एक्शन मोड में आए, टीम को भेजा सैंपल लेने

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पानीपत। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला अनिल विज द्वारा बैजा गय - फोटो : Panipat
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पानीपत। शहर में बिक रही मिलावटी खाद्य सामग्री पर खाद्य सुरक्षा विभाग की लापरवाही और जिला प्रशासन की ढिलाई पर जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक फरियादी का गुस्सा फूट पड़ा। उसने कहा कि सरकार कहती है कि कोरोना वैक्सीन लगाओ जिससे इम्युनिटी बढ़ेगी लेकिन शहर के खाद्य पदार्थों में मिलने वाला जहर इम्युनिटी को कैसे बढ़ने देगा। उसके आरोप पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला तुरंत एक्शन मोड में आ गए और उन्होंने मौके पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को मावे के नमूने लेने भेज दिया।
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बैठक के दौरान बबैल रोड निवासी अंबरीश ने डिप्टी सीएम से कहा कि करीब डेढ़ साल से वे जिले में बिकने वाले घटिया किस्म के दुग्ध पदार्थों की जांच की शिकायत कर रहे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने इसकी शिकायत गृहमंत्री अनिल विज को भी दी पर नतीजा सिफर रहा। दिवाली में दुकानों से लिए गए सैंपल फेल हो गए पर कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में जिला प्रशासन से भी फरियाद की पर कुछ न हुआ। अंबरीश ने पुलिस पर भी तंज कसा।
फरियाद सुनकर डिप्टी सीएम ने मजाकिए लहजे में कहा कि उन्होंने सभी विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उनकी बात को सुना है और वे कहते हैं कि उनकी कोई नहीं सुनता। इस पर फरियादी बोले सुनने से क्या होता है कार्रवाई तो आज तक नहीं हुई। इस पर डिप्टी सीएम ने कहा कि वे अपनी पत्नी को साथ लेकर आएं। अब भाभी ही उन्हें समझा पाएंगी क्योंकि मौजूदा बैठक में कोई अंबरीश जी को समझा नहीं सकता।
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20 मिनट में सैंपल लेने के आदेश और पौने घंटे बाद पहुंची टीम
शिकायत पर डिप्टी सीएम ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को जांच के लिए 20 मिनट का समय दिया। इसके बाद फरियादी मौके पर पहुंच गया लेकिन टीम करीब पौने घंटे बाद मौके पर पहुंची लेकिन दुकानों पर स्टॉक ही नहीं मिला।
बताया जाता है कि सनौली रोड पर लाइट आ रही थी लेकिन मावा भंडार वाली दुकान पर लाइट नहीं थी। इसके बाद वहां पर मोमबत्तियां जलाई गईं और अचानक से साढ़े तीन किलो मावा दुकान में दिखा। टीम ने इसके सैंपल लिए। मोमबत्तियों की रोशनी में ही विभाग अधिकारियों ने फार्म भरे।
शिकायतकर्ता अंबरीश ने आरोप लगाते हुए कहा कि टीम ने फिर से मिलीभगत कर मावे का स्टॉक हटवा दिया। उन्होंने कहा कि मौके पर पौने घंटे बाद टीम आना, दुकान से मावा गायब मिलना, दुकान में अंधेरा होना और फिर मोमबत्तियों की रोशनी में अचानक मावा आना स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार और मिलीभगत को दर्शा रहा है।
दूसरी ओर अधिकारियों ने आरोपों को नकार दिया। खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी संदीप चौधरी ने बताया कि डिप्टी सीएम के आदेशों पर दो दुकानों से मावे के चार सैंपल लिए गए हैं। छापा में टीम को दुकान में जो भी मावा मिला ये नमूने उसी के हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पानीपत। मोमबत्ती जलाकर दुकान पर सैंपल लेते हुए खादय सुरक्षा अधिकारी व साथ में मौजूद अन्य।- फोटो : Panipat

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