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हंगामेदार बैठक में 125 एजेंडे हुए पास पर बजट अटका

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पानीपत। नगर निगम की वीरवार को हंगामेदार बैठक में जनप्रतिनिधियों ने मेयर कार्यालय से प्रस्तावित 16, डिप्टी मेयर के छह, विधायक के चार और सभी 26 पार्षदों के 103 एजेंडों को पास कराया। बैठक में 125 प्रस्ताव पास हुए लेकिन नगर निगम का वित्तीय बजट 2022-23 अटक गया। शहरी विधायक ने आपत्ति जताते हुए कहा कि शहर की सफाई के लिए 68 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इस हिसाब से प्रतिमाह पौने छह करोड़ रुपये खर्च होंगे जबकि अभी तक सिर्फ साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च होते आए हैं। सफाई के बजट को 14 करोड़ बढ़ाकर दिखाना गलत है।
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हैरानी की बात ये है कि इस बजट से सफाई कर्मचारियों का वेतन शामिल नहीं है। उसे सरकार अलग भेजती है। विधायक ने कहा कि इस बजट को पहले कम किया जाए, जिसके बाद इसे फाइनल किया जाएगा। साढ़े चार करोड़ रुपये प्रतिमाह से कम पर सफाई बजट तैयार करने के निर्देश दिए। अब नया बजट तैयार कर इसे पास करवाया जाएगा।
जानबूझकर बजट और सदन की बैठक एकसाथ बुलाई गई : कोमल सैनी
बजट और सदन की बैठक को लेकर कई बार जनप्रतिनिधि निगम अधिकारियों और मेयर के आमने-सामने हुए। पार्षद कोमल सैनी ने कहा कि जानबूझकर बजट और सदन की बैठक एकसाथ बुलाई गई है ताकि पार्षद हंगामा न करें जबकि बैठक हर माह होनी चाहिए। पिछले पांच महीने से इस बैठक को क्यों नहीं बुलाया जा रहा। इस पर मेयर ने सफाई दी कि दूसरे राज्यों में चुनाव में उनकी ड्यूटी लगे होने के बार वे सदन बैठक नहीं बुला सकीं।
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बजट स्पेशल : टैक्स रिकवरी में पिछड़ा निगम, महज 38 करोड़ ही रिकवर
नगर निगम ने वित्तीय सत्र 2021-22 के लिए 161.57 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया था लेकिन एक साल बाद भी निगम के खाते में केवल 38.20 करोड़ रुपये ही जमा हो पाए। केवल 23 प्रतिशत रिकवरी ही हुई। शहरी विधायक ने कहा कि पिछले बजट में प्रॉपर्टी टैक्स से 25.57 करोड़ रुपये आए जबकि इस बार सिर्फ 9.69 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई। विकास कार्यों या अन्य खर्च के लिए सरकार निगम को और बजट नहीं देंगी। आयुक्त आरके सिंह ने कहा कि जीआईएस और याशी के गलत सर्वे की वजह से टैक्स रिकवरी नहीं हो सकी। स्टॉम्प ड्यूटी में पिछले वर्ष 34.90 के मुकाबले इस बार सिर्फ 5.84 करोड़ की रिकवरी पर विधायक ने अधिकारियों को घेरा। निगम ने अपने म्यूनिसिपल टैक्स में बिजली निगम से 10 करोड़ रुपये की रिकवरी की मांग की है।
अधिकारियों ने इसका जवाब जब बिजली निगम से तलब किया तो बिजली निगम के एक्सईएन ने कहा कि नगर निगम को भी उनके बिल की अदायगी करनी होगी। ये मामला मुख्यालय के पास है। निगम अधिकारियों ने प्रस्तावित इस बजट में सबसे खास बात ये बताई कि अबकी बार सभी निगम अधिकारियों की तनख्वाह सरकार की ओर से ही भेजी जाएगी। इसके अलावा 94 करोड़ रुपये विकास कार्यों और छह करोड़ रुपये अन्य खर्च शामिल दिखाते हुए 178 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया था।
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