पानीपत। कोरोना संक्रमण लगातार गंभीर होता जा रहा है, लेकिन कोरोना रोधी टीकाकरण की रफ्तार सुस्त है। सात दिनों में 11.3 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मचारी व फ्रंट लाइन वर्कर आदि को सात दिन में बूस्टर डोज लगाई जा सकी है।
इसी प्रकार पहले दो दिन में ही 15-17 आयु वर्ग के 45 प्रतिशत पात्रों को कवर करने वाला स्वास्थ्य विभाग 14 दिन में 71 प्रतिशत पात्रों को ही टीके की पहली खुराक दे पाया है। दूसरी ओर स्वास्थ्य कर्मचारी व फ्रंट लाइन वर्कर भी प्रिकॉशन डोज लेने में लापरवाही बरत रहे हैं। एक सप्ताह में साढ़े 17 हजार में से महज 11.3 प्रतिशत कर्मचारियों ने ही बूस्टर (प्रिकॉशन) डोज ली है।
सिविल सर्जन व डिप्टी सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि अगर प्रिकॉशन डोज नहीं ली गई तो उन पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग अब जिले में पात्रों की संख्या के मुकाबले 107.5 प्रतिशत लोगों को टीके की पहली डोज दी है। 67 प्रतिशत लोगों का दोनों डोज का कोर्स पूरा हो चुका है। अब भी जिले में 319526 लोगों को टीके की दूसरी डोज लगना बाकी है।
15-17 आयु वर्ग के पात्रों का पिछले छह दिनों का टीकाकरण
16 जनवरी- 479
15 जनवरी- 479
14 जनवरी- 544
13 जनवरी- 757
12 जनवरी- 757
11 जनवरी- 1063
107 प्रतिशत लोगों को लगी टीके की पहली डोज
जिले में कोरोना टीकाकरण के 9.73 लाख पात्र हैं, लेकिन विभाग अब तक 10,46,485 लाख लोगों को टीके की पहली डोज दे चुका है। ये टारगेट का 107 प्रतिशत है। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग का कहना है कि हमारे जिले में पात्र 9.73 लाख ही हैं। अब जो अधिक डोज लग रही है ये प्रवासी लोग हैं। जो यहां ड्यूटी करते है। इसलिए टारगेट अधिक जा रहा है। अब टीकाकरण और भी अधिक हो सकता है।
रविवार का टीकाकरण
रविवार को 65 केंद्रों पर कुल पात्रों का टीकाकरण किया गया है। इनमें से 15-17 आयु वर्ग के 479 पात्रों को टीके की पहली डोज लगी है। 18-44 आयु वर्ग के 1177 लोगों को पहली और 2149 को टीके की दूसरी डोज लगी है। 45 से अधिक आयु के 223 को पहली व 698 को टीके की दूसरी डोज लगी है।
कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा
15-18 आयु वर्ग: 41,649 को पहली डोज
18- 44 आयु वर्ग: 10,46,485 को पहली डोज
18- 44 आयु वर्ग: 6,53,474 को दूसरी डोज
कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, पात्रों से अपील जरूर कराए टीकाकरण
15-17 आयु वर्ग के पात्र टीकाकरण में कम रूचि ले रहे हैं। अब तक 71 प्रतिशत पात्रों को पहली डोज दी गई है। आशा वर्करों की भी ड्यूटी लगाई गई है कि वो घर घर जाकर पात्रों का डेटा बनाए और उन्हें टीकाकरण के प्रति जागरूक करें। -डॉ. शशि गर्ग, डिप्टी सिविल सर्जन