पानीपत। राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण के विरोध में विभिन्न बैकों के कर्मचारी शुक्रवार को दूसरे दिन हड़ताल पर रहे। बैंककर्मियों ने कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो अगले सप्ताह फिर हड़ताल करेंगे। दूसरी ओर दो दिन हड़ताल के बाद शनिवार को बैंक खुलेंगे। ऐसे में उपभोक्ताओं की भीड़ रहेगी क्योंकि अगले दिन रविवार की छुट्टी रहेगी।
हड़ताल के पहले दिन के बाद जिलेवासियों को पता चल गया कि सभी बैंक कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर हैं। ऐसे में शुक्रवार को बैंकों में न के बराबर ग्राहक पहुंचे। दूसरी ओर स्टेट बैंक, यूनियन बैंक, कैनरा बैंक, सेंट्रल बैंक समेत अन्य राष्ट्रीय बैंक के कर्मचारी शुक्रवार को यूनियन बैंक के सामने सुबह करीब 10 बजे से एकजुट होकर हड़ताल पर बैठे और जमकर नारेबाजी की। हड़ताल कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी न की गईं तो वे फिर हड़ताल करेंगे।
स्टेट बैंक के कर्मचारी नरेश रावल ने बताया कि बैंक कर्मचारी निजीकरण होने से पहले ही हड़ताल कर रहे है ताकि सरकार को रोका जा सके। सरकार ने बैंकों का निजीकरण कर दिया तो फिर से बैंकों को सरकारी करवाने में काफी ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। हड़ताल में मुख्य तौर पर यूनियन बैंक से रणधीर पंवार, पंजाब एंड सिंध से प्रद्युम्न, एसबीआई से नरेश देशवाल, पीएनबी से सुभाष, सेंट्रल बैंक से प्रदीप, और एसबीआई से सोनू रावल आदि मौजूद रहे।