पानीपत। शिक्षा विभाग द्वारा जिले के सभी 243 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में निपुणता जांच के लिए सेशंस ग्रुपिंग असेसमेंट के तहत दूसरे चरण में सोमवार को कक्षा दूसरी व तीसरी के विद्यार्थियों का हिंदी विषय का आकलन किया गया। इस आकलन का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों का शिक्षा स्तर जानना है। इस अभियान के दौरान बच्चों की पढ़ने-लिखने की क्षमता और भाषा समझ का आकलन किया गया।
जिला एफएलएन सह समन्वयक अनिल मलिक ने बताया कि विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से निपुण हरियाणा मिशन को मजबूती प्रदान करने व बच्चों की सीखने की क्षमता का आकलन करने के उद्देश्य से सेंसस ग्रुपिंग असेसमेंट के दूसरे चरण का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को पानीपत के सभी खंडों के प्रत्येक प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा दूसरी व तीसरी के विद्यार्थियों के हिंदी विषय का मूल्यांकन करवाया गया। विभाग की ओर से जिले में सभी पंजीकृत 13,714 विद्यार्थियों का आकलन करवाने का लक्ष्य रखा गया था। इनमें से सोमवार को कक्षा तीसरी के कुल पंजीकृत 7364 में से 7185 अर्थात 97.6 फीसदी विद्यार्थियों और कक्षा दूसरी के कुल पंजीकृत 6344 में से 6205 अर्थात 97.8 फीसदी विद्यार्थियों का आकलन किया गया। मंगलवार को गणित विषय का आकलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह आकलन निपुण हरियाणा टीचर एप के माध्यम से किया गया।
उन्होंने बताया कि छात्रों के मूल्यांकन के दौरान 572 पीजीटी व टीजीटी शिक्षकों ने भाग लिया। हर शिक्षक ने अपने-अपने खंड के दो स्कूलों में जाकर निरीक्षण किया। सुबह 10:00 बजे शुरू हुए अभियान में विभिन्न समावेशी गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें हौसलों के रंग (कहानी सुनाना), सपनों की उड़ान (एक हाथ से चुनौती), भरोसे के कदम (आंख पर पट्टी बांधकर चलना), बूझो तो जानो (वस्तु पहचानो), इशारों में बात (मूक संवाद), जब अक्षर न दिखें साफ (धुंधले अक्षरों को पढ़ना) और सबके रंग, सबकी चमक (इंद्रधनुषी दीवार) जैसी रचनात्मक और रौचक गतिविधियां करवाई गई। शिक्षा विभाग के अनुसार हिंदी और गणित दोनों विषयों की रिपोर्ट के आधार पर विद्यार्थियों की स्थिति का समग्र आकलन कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
इससे पहले जिले के टीजीटी व पीजीटी शिक्षकों को ऑफलाइन प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण के बाद सभी विद्यालयों में दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों का आकलन एक समान पैटर्न पर करवाया गया ताकि बच्चों की सीखने की स्थिति को जानकर और सुधार लाया जा सके।
शिक्षा विभाग का मानना है कि दो दिवसीय अभ्यास से न केवल विद्यार्थियों की बुनियादी योग्यता का सही आकलन होगा बल्कि निपुण हरियाणा मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में ठोस कदम भी साबित होगा।
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कम उपस्थिति वाले स्कूलों से मांगा जाएगा जवाब
अनिल मलिक ने बताया कि आकलन के दौरान जहां अधिकतर स्कूलों की उपस्थिति शत प्रतिशत रही वहीं, कुछ स्कूलों में उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही। जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम रही, उन स्कूल प्रमुखों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इसको लेकर बुधवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक ली जाएगी।
वर्जन-
जिले के सभी प्राथमिक विद्यालयों में मूल्यांकनकर्ताओं, प्राथमिक शिक्षकों के सहयोग से इस शैक्षणिक अभियान को सफलता मिली है। पहले दिन बच्चों की बौद्धिक गतिविधियों, पठन-पाठन क्षमता, व्यवहार और समूह कार्यों में सहभागिता की जांच की गई। इस अभ्यास के माध्यम से न केवल विद्यार्थियों की शैक्षिक स्थिति को जाना जा सकेगा बल्कि शिक्षकों को अपनी शिक्षण पद्धति को ओर प्रभावी बनाने का अवसर मिलेगा।
- सुभाष चंद्र भारद्वाज, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत।