बापौली। शामलात जमीन को लेकर बापौली की अनाज मंडी में रविवार को महापंचायत हुई। इस बार महापंचायत में सांसद संजय भाटिया भी पहुंचे। यमुना सुधार समिति के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता रतन सिंह रावल और संजौली के पूर्व सरपंच ने संजय भाटिया को किसानों की समस्याओं के बारे में बताया। महापंचायत में 40 गांवों के लोग पहुंचे। सांसद ने कहा कि वह इस मामले में किसानों की अगुवाई कर रहे हैं। इस मामले में सीएम मनोहर लाल से भी बात की गई है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि जल्द सरकार इस मामले में सार्थक कदम उठाएगी।
अधिवक्ता रतन सिंह रावल और संजौली के पूर्व सरपंच पप्पू रावल ने संयुक्त रूप से कहा कि यमुना नदी के साथ लगते गांवों की शामलात देह की जमीन में गरीब किसान हैं। उनकी मुख्य आजीविका का साधन खेती बाड़ी है। इन गांव की काफी जमीन यमुना के खादर में है। कई वर्ष पहले गांव की जमीन जो किसानों की मलकियत थी। यमुना नदी के पानी के बहाव की वजह से यमुना नदी में बुर्द हो गई थी। इस वजह से किसानों को अपनी अपनी जमीन कास्त करने से वंचित रहना पड़ा। जब जमीन यमुना पानी के बहाव दूसरी तरफ होने की वजह से दोबारा बरामद हुई तो बुर्द होने से लेकर बरामद होने के बीच के समय में उक्त जमीन का राजस्व रिकार्ड में शामलात का इंद्राज दर्ज हो गया, क्योंकि उस समय राजस्व अधिकारी ऐसा ही कर देते थे । मिशल बुर्दी बरामदगी बनती थी, लेकिन जब से उक्त जमीन बरामद हुई है, तभी से सभी हिस्सेदारों बिस्वेदार जिनकी मलकियत जमीन बुर्द हुई थी, उस पर बतौर मालिक बिना किसी दखलअंदाजी के लगातार काश्त करते चले आ रहे हैं। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश वक्ता विधु रावल, रविंद्र छौक्कर, भाजपा जिलाध्यक्ष अर्चना गुप्ता, संजय त्यागी, नरेंद्र रावल, डॉ. रोशन नन्हेडा, मुस्तकीम, पप्पू संजौली, सुभाष, जगबीर, याकूब, मांगे राम , अधिवक्ता राजकुमार, अधिवक्ता अशोक रावल व बलिंद्र गोयला खुर्द मौजूद रहे।