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उपलब्धि: पानीपत के अंकित को मिली प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप, पिता हैं बीएसएफ में सैनिक और मां हैं गृहिणी

Tue, 19 Apr 2022 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)

सार

अंकित एंटीमाइक्रोबायल रेजिस्टेंस पर इंडो-यूके प्रोजेक्ट के तहत रिसर्च कर रहे हैं। अंकित का परिवार इसराना में रहता है। उनकें पिता बीएसएफ में सैनिक और मां गृहिणी हैं।
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अंकित मलिक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के पानीपत के गांव सींक के रहने वाले आईआईटी बीएचयू के पीएचडी छात्र अंकित मलिक को प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री रिचर्स फेलोशिप (पीएमआरएफ) प्रदान की गई है। भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से एंटीमाइक्रोबायल रेजिस्टेंस पर किए जा रहे शोध को आगे बढ़ाने के लिए फेलोशिप महत्वपूर्ण साबित होगी।
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बीएसएफ सैनिक रमेश मलिक के बेटे अंकित इस वक्त आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी के फार्मास्यूटिकल, इंजीनियरिंग एवं टेक्लोलॉजी विभाग में पीएचडी स्कॉलर और जूनियर रिचर्स फेलो हैं। अंकित ने बताया कि प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप देश की प्रतिष्ठित और सम्मानित फेलोशिप है। इसका मिलना उनके लिए सम्मान की बात है।

इस फेलोशिप के जरिए उनकी रिसर्च को नए आयाम मिलेंगे। इस वक्त फार्मास्यूटिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी कर रहे हैं। इसके साथ ही एंटीमाइक्रोबायल रेजिस्टेंस पर एक इंडो-यूके प्रोजेक्ट के तहत शोध कर रहे हैं। इसके तहत उन्हें यूनाइटेड किंगडम की राजधानी लंदन स्थित इंपीरियल कॉलेज भेजा गया था। कॉलेज की लैब में तीन सप्ताह तक काम करने के लिए भारत सरकार की ओर से फंड किया गया।
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फेलोशिप के तहत हर वर्ष शोध के लिए मिलेंगे दो लाख रुपये
प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के तहत अंकित मलिक को पहले वर्ष 70, दूसरे वर्ष 75 और तीसरे वर्ष 80 हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रति वर्ष दो लाख रुपये लैब के उपकरण एवं केमिकल खरीदने के लिए भी प्राप्त होंगे।

माता-पिता और सुपरवाइजर को दिया श्रेय

अंकित ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय पिता रमेश मलिक और मां को दिया है। उन्होंने कहा कि माता-पिता के आशीर्वाद एवं प्रेरणा से ही उपलब्धि हासिल कर सकें। माता-पिता इसराना में रहते हैं। इसके साथ ही अंकित ने अपने सुपरवाइजर डॉ. एमएस मुथू का धन्यवाद दिया, जिनकी वजह से यह मौका उन्हें मिल सका।

क्या है एंटीमाइक्रोबायल रेजिस्टेंस
एंटी माइक्रोबायल रेजिस्टेंस को हिंदी में रोगाणुरोधी प्रतिरोध कहते हैं। दुनिया भर में स्वास्थ्य के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है, जिसकी वजह से रोगियों की मृत्यु हो जाती है, क्योंकि रोगों को बढ़ने से रोकने के लिए एंटीबायोटिक दवाएं रोग पर काम नहीं करती हैं। महत्वपूर्ण एंटीबायोटिक दवाओं के खिलाफ प्रतिरोध का समाधान बेहद जरूरी है, जिससे लोगों की जान बचाई जा सके।
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