पानीपत। गोयला खुर्द गांव के पूर्व सैनिक और डॉ. भीमराव आंबेडकर विकास एवं सेवा समिति के प्रधान कर्म सिंह ने ग्राम पंचायत सरपंच पर समाज के श्मशान के जमीन तालाब में शामिल करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया को अपनी शिकायत दी है। आरोप लगाए कि ग्राम पंचायत ने उनके श्मशान की जमीन की प्रकृति ही बदल दी। वहीं सरपंच ने आरोपों को निराधार बताया है।
धर्म सिंह ने उपायुक्त को दी शिकायत में बताया कि एससी समाज को इस्तेमाल के समय सात कनाल 11 मरले जमीन श्मशान घाट के लिए मिली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत सरपंच ने 14 मार्च 2024 को श्मशान की काफी हिस्सा नाजायज तरीके से तालाब में मिला लिया। सरपंच ने उनकी जमीन की प्रकृति भी बदल दी, जबकि ऐसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने सरपंच से जमीन के बारे में बात की तो उनको डराया धमाया और अपमानित करने वाले शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को इसकी शिकायत दी लेकिन इस मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं की।
आयोग के आदेशों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच ने उनको कहीं पर सुनवाई न होने देने और जातिसूचक शब्द भी कहे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस भी सरपंच का पक्ष अपना रहे हैं। वे मजबूर होकर आगे कदम उठाने को मजबूर होगा। ग्राम पंचायत सरपंच इशम सिंह ने बताया कि उन पर लगाए आरोप निराधार हैं। गांव में हर कार्य ग्राम सभा की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार किया जाता है। गांव में तालाब पहले से बना हुआ है और इसकी निशानदेही कराई गई है। श्मशान घाट की कोई जमीन तालाब में नहीं मिलाई है।