पानीपत। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से वीरवार को एसडी पीजी कॉलेज में नशा मुक्त हरियाणा पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें युवाओं ने नशे के खिलाफ समाज में जागरूकता लाने की शपथ ली। इस दौरान मुख्यातिथि एएसपी मयंक मिश्रा ने कहा कि शौकिया तौर पर शुरू नशे का सेवन व्यक्ति का जीवन बर्बाद कर देता है।
मुख्यातिथि ने कहा कि किशोरावस्था ऐसी अवस्था है। जिसमें चरित्र निर्माण होता है। इस दौरान कुछ किशोर और छात्र गलत संगत में पड़ कर अपना जीवन बर्बाद कर लेते हैं। शौकिया तौर पर शुरू नशे का सेवन जीवन को बर्बाद कर देता है। हमें किशोरावस्था से ही नशे के दुष्प्रभावों के बारे में पता होना चाहिए। अगर परिवार में कोई नशे का आदती है तो उसको पटरी पर लाना हमारा कर्तव्य है। नशे के कारण हर साल विश्व भर में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से करोड़ों लोगों की मौत हो जाती है। युवा कॉलेज के समय में नशे की ओर जाता है। वह नशे को ही समस्या का हल समझता है। शराब व ड्रग के सेवन को सोसायटी का एक उच्च स्टैंडर्ड भी समझता है। पहले हमें खुद को बदलना होगा फिर समाज को बदला जा सकता है। इसके लिए सभी वर्गों को एक मंच पर आना होगा। पुलिस नशा तस्करों पर कार्रवाई करने में एक मिनट नहीं लगाएगी।
अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा दूध दही के खाने से पहचाना जाता है। अब प्रदेश नशा अपनी जड़ फैला रहा है। बीड़ी व सिगरेट से शुरू नशा गंभीर नशे तक ले जाता है। ऐसे में व्यक्ति खुद के साथ अपने परिवार को भी बर्बाद कर देता है। हमें पहले स्वयं नशे के खिलाफ जागरूक होना है और फिर अपने आसपास लोगों को जागरूक करना है। देश के सभी वर्गों को एक मंच पर आकर नशा के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाना होगा। इस मौके पर अध्यापक सुरेंद्र राठी, डॉ. संगीता गुप्ता, डॉ. संतोष कुमारी व डॉ. राकेश गर्ग ने भी अपना संदेश दिया। इससे पहले अतिथियों का कॉलेज पहुंचने पर स्वागत किया और दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।