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शीरा घोटाला करने के बाद आरजीआई रिकॉर्ड रजिस्टर में भी हुई छेड़छाड़

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पानीपत। शुगर मिल से करीब 30 लाख रुपये के शीरे घोटाले में निलंबित दस अधिकरियों-कर्मचारियों के लिए जारी किए गए आरोप पत्र में एक नया मोड़ आया है। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि शीरा गायब करने के बाद शीरे के आरजीआई यानी रिकॉर्ड रजिस्टर से भी छोड़छाड़ की गई है। शीरे के स्टॉक की जांच सिर्फ 9 नवंबर 2021 से लेकर 7 जनवरी 2022 तक की गई है। महज दो माह मेें ही करीब 3200 क्विंटल शीरा गायब कर दिया गया।
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वहीं, मामले में संलिप्त पाए जाने वाले मिल कर्मियों को एक फरवरी को चार्जशीट सौंपी गई है। इसमें कर्मचारियों को अपनी सफाई पेश करने के लिए दस दिन का समय दिया गया है। अब दस फरवरी तक निलंबित कर्मचारियों को मिल प्रबंधन के सामने अपनी जवाबदेही पेश करनी होगी। जवाब न देने पर मिल प्रबंधन ने एकतरफा कार्रवाई किए जाने की चेतावनी तक दी है।
दूसरा, शुगर मिल के आरोप पत्र के अनुसार शीर के स्टॉक का रिकार्ड बनाने के लिए आरजीआई रजिस्टर तैयार किया जाता है। इस रिकार्ड में भी छेड़छाड़ किया जाना पाया गया है। जोकि मिल में लागू सेवा नियमों के विरुद्ध है। इस रजिस्टर में छेड़छाड़ का जिम्मेदार लैब इंचार्ज एवं कार्यवाहक चीनी विक्रय प्रबंधक मदन लाल राठौर को निजी रूप से जिम्मेदार माना गया है।
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खास बात ये है कि सभी आरोपी कर्मचारियों को एक ही चार्जशीट दी गई है, जिसमें सस्पेंड हो चुके लैब इंचार्ज एवं कार्यवाहक चीनी विक्रय प्रबंधक मदन लाल राठौर, सहायक रणबीर सिंह, गार्ड एवं कार्यवाहक शिफ्ट इंचार्ज वेद सिंह, सुरक्षा अधिकारी ईश्वर सिंह, आसवनी इकाई के अटेंडेंट धर्मबीर और सतीश कुमार, मोटर पंप अटेंडेंट एवं हेल्पर ब्रह्मपाल और सुभाष समेत दैनिक वेतन भोगी सुरेंद्र सिंह और ओमप्रकाश शामिल हैं। बता दें कि शुगर मिल के इस प्रकरण को ‘अमर उजाला’ ने अपने सभी अंकों में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद मिल प्रबंधन ने दस कर्मचारियों को निलंबित तक किया था।
ये रहा आरोप पत्र
मिल की ओर से जारी किए गए आरोपपत्र में जिक्र किया गया है कि 6 जनवरी की रात को दोपहर दो बजकर बीस मिनट पर एक टैंकर शीरा भरने के लिए आया। जिसका वजन 41,710 किलोग्राम दर्शाया गया। रात 9:50 मिनट पर एमडी शुगर मिल ने मदन लाल राठौर और ईश्वर सिंह के साथ मिलकर मौके का निरीक्षण किया और रात को संबंधित टैंकर को दोबारा वजन करवाया गया। इस दौरान टैंकर का वजन 65,350 किलोग्राम पाया गया। जब पहले वजन और दूसरे वजन की जांच की गई तो इसमें 23,640 किलोग्राम का अंतर मिला।
इसमें 2.19 लाख रुपये का शीरा भरा गया था। इस टैंकर में शाम 7 बजे शीरा भरने के बाद भी टैंकर रात 9 बजकर 50 मिनट पर भी मिल में था। आरोप पत्र अनुुसार, इस प्रकार से शुगर मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा मिलीभगत कर टैंकरों में बिना बिल के अतिरिक्त शीरा भरवाया जा रहा था। इसके बाद दो माह के रिकॉर्ड की जांच की गई तो इसमें 3181.55 क्विंटल शीरा कम मिला, जो 927 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 29.49 लाख रुपये का बनता है।
चार्जशीट देकर मांगा है जवाब- एमडी
संबंधित दस कर्मचारियों को चार्जशीट देकर जवाब मांगा गया है। इसके लिए दस दिन का समय दिया गया है। इनके जवाब के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -नवदीप सिंह, एमडी, शुगर मिल, पानीपत।
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