पानीपत। गांव खंडरा में मंच पर पहुंचने के 20 मिनट बाद ही नीरज चोपड़ा की तबीयत खराब होने लगी थी। उन्हें बेचैनी हो रही थी। पहले से ही गर्मी में हजारों की संख्या में लोगों की मौजूदगी की वजह से गर्मी और बढ़ गई, जिससे तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें शाम पांच बजे चंडीगढ़ के निकलना था, ऐसे मेें चार घंटे गांव में बिताने थे, लेकिन तबियत ने साथ नहीं दिया।
खुद को सही रखने के लिए नीरज कभी अपना सिर हाथों से बार-बार रगड़ते दिखे तो कभी मंच पर लगे ऐसी के पास जाकर पसीना सुखाते दिखते, फिर भी राहत नहीं मिली और उन्हें जाना पड़ा। नीरज अपने गली के स्वागत कार्यक्रम में दोपहर 1:07 बजे आ गए थे, लेकिन तबीयत खराब होने की वजह से दोपहर 2:07 बजे चले गए। इस दौरान मंच पर वह 45 मिनट रहे।
नीरज के फैन और गांव नौल्था के रहने वाले योगेश शर्मा ने अपने सीने पर नीरज चोपड़ा का टैटू बनवाया है। योगेश का कहना कि नीरज ने जो कहा था पूरा कर दिया और देश के लिए गोल्ड लेकर आए हैं। नीरज चोपड़ा ही मेरे लिए सब कुछ हैं अब। उसका कहना है कि मैं चाहता हूं कि उनके आशीर्वाद से मेरे दोनों बच्चे भी उनकी तरह ही अच्छे खिलाड़ी बनें और देश का नाम रोशन करें। संवाद
19 फरवरी को आखिरी बार घर आए थे नीरज
नीरज चोपड़ा इस साल 19 फरवरी को अपने घर पर गए थे और घर पर एक दिन रुक कर अगले दिन पटियाला के लिए रवाना हो गए थे। उसके बाद से नीरज चोपड़ा अपने घर पर नहीं गए है।
अगली बार आएगा तो आराम से मिल लूंगा : सतीश
नीरज के पिता सतीश चोपड़ा गांव व रिश्तेदारों के स्वागत में ही लगे रहे। नीरज के पिता ने बताया कि मुझे पता है कि नीरज के चाहने वाले लाखों में हो गए हैं। पिता होने के नाते खुद यह बात समझ लेनी चाहिए। मेरा बेटा जब अगली बार लंबे समय के लिए घर रहने आएगा तो उससे आराम से बात कर लूंगा।