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Panipat News: आधार और पीपीपी कार्ड के बिना 15 प्रतिशत बढ़े दाखिले

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पानीपत। शिक्षा विभाग ने जीरो ड्रॉपआउट बनाने की तैयारी कुछ हद तक सफल हो रही है। विभाग ने ईंट भट्ठों, कंस्ट्रक्शन साइट पर कार्यरत मजदूरों के बच्चों को बिना आधार कार्ड व पीपीपी के स्कूलों में एडमिशन दिया जा रहा है। इस फैसले से करीब 15 प्रतिशत दाखिले में इजाफा भी देखने को मिला है, क्योंकि ज्यादातर मजदूर के परिवार अन्य राज्यों के होते हैं। उल्लेखनीय है कि पहले प्रवासी परिवारों को परिवार पहचान-पत्र व आधार कार्ड देना होता था, लेकिन अब इन परिवारों के बच्चों के लिए यह शर्त हटा दी गई है। यानी पीपीपी व आधार नंबर के अभाव में ऐसे बच्चों को नामांकन से मना नहीं किया जा सकता। अभिभावक सरकारी स्कूल में जाकर बच्चों का दाखिला करवा रहे हैं। इतना ही नहीं, अगर बच्चों का जन्म प्रमाण-पत्र नहीं है तो माता-पिता या संरक्षक द्वारा बच्चे का शपथ-पत्र भी स्कूलों में मान्य होगा। इसको लेकर डीईओ ने भी सभी बीईओ व स्कूलों को पत्र जारी कर निर्देश दे दिए थे।
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विद्यालय की छात्र संख्या का अनिवार्य भाग होंगे विद्यार्थी
विभाग की ओर से पत्र में कहा गया है कि यह विद्यार्थी विद्यालय की छात्र संख्या का अनिवार्य भाग होंगे। किसी भी बच्चे को उसके शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। पीपीपी एवं आधार नंबर के अभाव में बच्चे का नामांकन नहीं रोका जाएगा। विद्यार्थियों का डेटा एमआईएस पर अपलोड करने के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा जीवन का जरूरी हिस्सा है, इससे प्रदेश का कोई भी बच्चा वंचित न रहे, इसलिए विभाग की ओर से राज्य को जीरो ड्रॉपआउट बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

वर्जन-
शिक्षा से कोई भी बच्चा वंचित न रहे, इसके लिए विभाग की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। अब ईंट भट्ठों, कंस्ट्रक्शन साइट पर कार्यरत मजदूरों के बच्चों को बिना आधार कार्ड व पीपीपी भी स्कूलों में एडमिशन दिया जा रहा है।
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- राकेश बूरा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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