अनाजमंडी का एक आढ़ती संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी दुकान के पंखे पर फंदे पर लटका मिला। वह एक सांझेदार व मुनीम द्वारा 63 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने से आहत था।
परिजनों ने दोनों पर पैसे वापस न करने का आरोप लगाया है। थाना चांदनी बाग पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस अधिकारी परिजनों द्वारा इस तरह की कोई शिकायत न देने की बात कह रहे हैं।
प्राप्त विवरण के मुताबिक बिंझौल निवासी वेदपाल (45) ने मंगलवार को अनाजमंडी स्थित दुकान के पंखे में फंदे पर लटका मिला। इस बारे में मालूम पड़ते ही परिजन दुकान पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। थाना चांदनी बाग पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची।
जहां पर पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए। बिंझौल निवासी संदीप ने बताया कि उसका चाचा वेदपाल मतलौडा के शिवकुमार के साथ मिलकर वेदपाल-विनोद कुमार ट्रेडिंग के नाम से काम करता था। दोनों के साथ मुनीम के तौर पर गोहाना का प्रवीण भी रहता था। दो साल पहले वेदपाल व शिवकुमार के बीच अनबन हो गई। वे 2011 में अलग-अलग हो गए। इसके बाद भी उसका चाचा शिवकुमार व प्रवीण को माल देते रहे।
इन दोनों की तरफ 90 लाख रुपये बकाया हो गया। वे दोनों पैसा देना नहीं चाहते थे। इसको लेकर पंचायत भी हुई, जिसमें दोनों ने 40 लाख रुपये देने की बात कही, लेकिन उन्होंने 27 लाख रुपये ही दिए और बाकी पैसे देने से मना कर दिया। उसका चाचा 63 लाख की चपत लगने के बाद परेशान रहने लगा। उसने कहा कि उसका चाचा मंगलवार सुबह करीब पांच बजे घर से निकलकर अनाज मंडी स्थित अपनी दुकान पर चला गया। यहां पर आढ़तियों ने उसको फंदे पर लटका पाया।