- शहर की बाहरी कॉलोनियों और कस्बों में पूरे दिन खुले में बिके पटाखे
- दोनों विभागों के अधिकारियों की छुट्टी रद्द, बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे अफसर
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। प्रशासन और पुलिस के दावों के विपरीत दिवाली से एक दिन पहले ही शहर से लेकर कस्बों तक में पटाखों की जमकर बिक्री हुई। दिवाली के दिन इनकी बिक्री और बढ़ने का अनुमान है। इसके साथ ही एक्यूआई रविवार को भी 200 के पार रहा। ऐसे में दिवाली की रात एक्यूआई और भी बढ़ सकता है। वहीं प्रशासन ने दिवाली के दिन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन सेवाओं दमकल विभाग और स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है।
दमकलर्मी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे और सामान्य रेट पर रहने वाले कर्मचारी ऑन कॉल पर पहुंचेंगे। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने आपातकाल में चिकित्सकों व नर्सिंग ऑफिसर की संख्या दोगुना कर दी है। विभाग ने विशेषज्ञों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के आदेश दिए हैं। इन सबके बीच पुलिस शहर में लगातार गश्त करेगी। शहर समेत जिले में हॉट स्पॉट पर विशेष नजर रहेगी।
बाजार में देर रात तक रौनक बनी रही। ऐसे में जीटी रोड पर दिनभर रुक-रुककर जाम की स्थिति बनी रही। शहर की मुख्य सड़कों पर भी जाम की स्थिति रही। यातायात पुलिस के अतिरिक्त जवान लगाने के बाद भी दिनभर व्यवस्था चरमराई रही। वहीं प्रशासन व पुलिस के सख्ती के बीच रविवार दोपहर बाद शहर और कस्बों में पटाखों के स्टाॅल सज गए। लोगों ने पटाखे की जमकर खरीदारी की। कुछ लोगों ने पुलिस के डर से एक साथ सारे पटाखे बाहर रखने की बजाय थोड़े-थोड़े हिस्से में पटाखे। उन्होंने एक बार के पटाखों की बिक्री के बाद दूसरे पटाखे लगाए। सनौली रोड, वार्ड-11, तहसील कैंप, जाटल रोड, असंध रोड, कच्चा कैंप समेत कई जगह पटाखों की खूब बिक्री हुई। कई जगह लोगों ने बाहर सड़क किनारे थोड़े पटाखे रखे और लोगों को अपने गोदाम में भेजा। इसके साथ पटाखों की ऑनलाइन डिलीवरी भी की गई। पटाखों से जुड़े लोगों ने अपने संपर्क का पूरा फायदा उठाया। वहीं बबैल गांव और उग्रा खेड़ी मोड़ पर लाइसेंसधारकों के ग्रीन पटाखों की खूब बिक्री हुई।
शाम को बढ़ने लगा एक्यूआई
जिले में एक्यूआई रविवार को करीब 210 पर पहुंच गया। इसमें धुएं की मात्रा अधिक रही। जबकि शनिवार को प्रदूषण मापक यंत्र तकनीकी खराबी के चलते बंद रहा। 17 अक्तूबर को एक्यूआई 242 और 16 को 225 पर रहा। दिल्ली-एनसीआर में होने के चलते ग्रैप-1 की शर्त लागू है। शहर में प्रदूषण का स्तर और बढ़ता है तो ग्रैप-2 भी लागू हो सकता है। इसमें सख्ती और बढ़ जाएंगी।
दिवाली खुशियों का त्योहार है। इस दिन को प्रत्येक नागरिक उल्लास के साथ मनाएं। बढ़ता वायु और ध्वनि प्रदूषण समाज और स्वास्थ्य दोनों के लिए खतरा बनता जा रहा है। ऐसे में पटाखों का प्रयोग सीमित करना चाहिए।
- डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त
वर्जन
पटाखों के बजाय मिट्टी के दीयों और एलईडी लाइट्स का उपयोग करें। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दें। हरित पटाखों का भी सीमित प्रयोग करें। कहीं दूसरे पटाखों की बिक्री होती है तो संबंधित थाना पुलिस को सूचना दें।
- भूपेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक