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घाटे वाले 20.17 करोड़ रुपये के 44 टेंडर रद्द

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पानीपत। लगातार घाटे में लगाए रहे टेंडरों पर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। निगम की ग्रामीण इंजीनियरिंग विंग ने 44 टेंडरों को रद्द किया है, जो 17 से 44 प्रतिशत तक घाटे में लिए गए थे। ये टेंडर 20 करोड़ 17 लाख 55 हजार रुपये के थे। इन टेंडरों को लेनी वाली एजेंसी और ठेकेदारों को घाटे में लिए जाने वाले टेंडरों पर स्पष्टीकरण मांगा गया था। वे यह नहीं बता सके कि घाटे में टेंडर लेने के बाद विकास कार्य की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया गया है। ऐसे में इन सभी टेंडरों की 17 लाख रुपये की ईएमडी यानी अर्नस्ट मनी डिपोजिट को जब्त कर लिया गया है।
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लगातार घाटे में लिए जा रहे टेंडरों की खबर को ‘अमर उजाला’ 6 अक्तूबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें विकास कार्यों के टेंडर ठेकेदारों ने 40 प्रतिशत तक घाटे में लिए गए थे। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने निगम कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे कि इतने कम रेट में कोई ठेकेदार गुणवत्ता के साथ काम करते पूरा कर सकता है। तब निगम अधिकारियों की नींद टूटी और 22 करोड़ से हो रहे 65 विकास कार्यों के ठेकेदारों एवं एजेंसियों को नोटिस भेजे गए। फिर 9, 17 और 18 अक्तूबर के अंक में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। अब इन टेंडरों का रद्द किया गया है।
हाली पार्क का 50 लाख का टेंडर भी रद्द, बाकी की नोटिंग तैयार
शहरी विधानसभा के अंतर्गत आने वाले हाली पार्क में चहारदीवारी के निर्माण का 50 लाख रुपये का टेंडर भी रद्द कर दिया गया है। इसकी भी ईएमडी को जब्त किया गया है। इसके अलावा अन्य कई टेंडरों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार की तरफ से जवाब न मिलने पर इनको भी रद्द किया जा सकता है।
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टाइलों के टेंडर की कैंसल नोटिंग तैयार
जिस नई टाइल का रेट 12 रुपये है, जिसकी सड़क पर लागत 18 रुपये है उस पुरानी टाइल को निगम ठेकेदार 35 रुपये में खरीद रहे थे। इस खबर को भी ‘अमर उजाला’ ने 18 अक्तूबर के अंक में प्रकाशित किया था। इसके बाद निगम अधिकारियों ने संबंधित ठेकेदारों को नोटिस जारी कर दिए हैं। अब इन टेंडरों को कैंसल करने की नोटिंग की जा रही है।
गुणवत्ता से नहीं होने देंगे समझौता: आयुक्त
जो टेंडर फर्म या एजेंसियों ने 17 प्रतिशत से ज्यादा घाटे में लिए थे। नगर निगम ने उन्हें नोटिस भेजकर जवाब मांगा । कुछ ने जवाब नहीं दिया तो कुछ ने काम पूरा करने में ही असमर्थता जता दी। जिसके बाद नियमानुसार इन टेंडरों को रद्द कर दिया गया है। किसी भी विकास कार्य में गुणवत्ता से समझौता नहीं होने दिया जाएगा, इसके लिए निगम प्रतिबद्ध है। - आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
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