पानीपत। नगर निगम शहर की स्ट्रीट लाइट की मरम्मत करने में फेल साबित होता नजर आ रहा है। करीब 80 प्रतिशत तक स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की काम करने की गति यही रही तो इस बार लोगों को दिवाली भी अंधेरे में मनानी पड़ेगी। इन अधिकारियों पर शहर की सरकार के सात महीने से लाइटों की लगातार मांग करने का भी असर नहीं हो पाया। शहर में 35 से 40 हजार स्ट्रीट लाइट हैं, इनमें 25 से 30 हजार बंद पड़ी हैं।
अधिकारियों की अनदेखी सिर से ऊपर पहुंची तो भाजपा के ही पार्षदों ने मेयर के सामने हंगामा किया और अनदेखी पर नाराजगी जाहिर की। अधिकारियों ने जिम्मेदारों को बचाते हुए एचकेआरएनएच के एक जेई और तीन इलेक्टि्रशियन सहायक को निलंबित कर पल्ला झाड़ लिया। दिवाली आठ दिन बाद 20 जनवरी को है। बिजली निगम बेशक दिवाली पर पर्याप्त बिजली देने की तैयारी में है लेकिन नगर निगम की स्ट्रीट लाइटों के लिए तैयारी पूरी नहीं है। शहर में मॉडल टाउन, सेक्टर और कॉलोनियों में प्रमुख सड़कों व गलियों में ही स्ट्रीट लाइट और टावर लाइट बंद पड़ी हैं। निगम आयुक्त ने सबसे पहले टावर लाइट ठीक कराने का दावा किया था। बैठक के तीसरे दिन शनिवार को भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। स्ट्रीट लाइटों की तरफ कोई खास ध्यान नहीं है।
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पार्षद बोले- हर बैठक में मुद्दा उठाया कोट्स फोटो
वार्ड-20 के पार्षद तरुण गांधी ने बताया कि मॉडल टाउन जैसे क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं। वे हर बैठक में अपनी बात रख चुके हैं। निगम आयुक्त को भी मौका मुआयना करा चुके हैं। इसके साथ रजवाहे की मुख्य सड़क पर इक्का-दुक्का स्ट्रीट लाइट हैं। यह बड़ी लापरवाही है।
वार्ड-सात के पार्षद अशोक कटारिया ने बताया कि वार्ड समेत पूरे शहर में स्ट्रीट और टावर लाइट बंद पड़ी हैं। हाउस की बैठक में हर बार इनको रख चुके हैं। अधिकारी केवल दावे कर रहे हैं। धरातल पर काम नहीं किया जा रहा है।
वार्ड-21 के पार्षद संजीव दहिया ने बताया कि शहर में मुख्य सड़काें की लाइट भी पूरी नहीं जल रही। सेक्टर और कॉलोनियों में तो इनको जलाना दूर है। अधिकारी हर वार्ड में इलेक्टि्रशिन लगाने का दावा करते हैं। जबकि वे कहीं नजर ही नहीं आते हैं। मैंने हाउस की बैठक में इस बार फिर इस बात को रखा तो निगम आयुक्त ने छोटे कर्मचारियों तक कार्रवाई सीमित रखी।
शहर में दिवाली से पहले सभी टावर लाइट सुचारु कर दी जाएंगी। स्ट्रीट लाइटों को भी चालू कराने का प्रयास रहेगा। तीनों एक्सईएन को इसके निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम