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सीएम ने पार्किंग और खेल सुविधा केंद्र जनता को किया समर्पित
-मुख्यमंत्री ने विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास की सौगात दी
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने रविवार देर शाम आर्य महाविद्यालय के सभागार में हरियाणा उर्दू अकादमी की ओर से आयोजित ‘मुशायरे एक शाम अटल के नाम’ में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इससे पहले उन्होंने बस स्टैंड के सामने फ्लाईओवर के नीचे बनी सात किलोमीटर लंबी पार्किंग व शिवाजी स्टेडियम की बिल्डिंग का उद्घाटन किया। उन्होंने एक प्रयास सामाजिक संस्था की भी प्रशंसा की। उन्होंने जिले को फ्री में पार्किंग व्यवस्था मुहैया कराई।
मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने रविवार को शाम को विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास की सौगात दी और इन्हें आमजन को समर्पित किया। इनमें एलिवेटिड हाईवे के नीचे छह करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से तैयार पार्किंग स्थल व शिवाजी स्टेडियम में बहुउद्देशीय खेल सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया गया।
सीएम मनोहर लाल ने लघु सचिवालय परिसर में ईवीएम मशीनों के रख-रखाव के लिए बनाए जाने वाले गोदाम की आधारशिला भी रखी। इस पर 4 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत आएगी और यह गोदाम 4 हजार 346 वर्ग फुट क्षेत्र में बनाया जाएगा। शहर में पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए एलिवेटिड कोरिडोर के नीचे 14 पार्किंग खंडों का निर्माण करवाया गया है। इनमें करीब तीन हजार वाहनों के पार्किंग होने की क्षमता होगी। साथ ही साथ सुलभ शौचालयों की तर्ज पर पांच शौचालय भी बनाए गए हैं और पूरे क्षेत्र में लाइट की व्यवस्था के लिए एलईडी लाइट्स लगाई गई हैं। जगह-जगह सौंदर्यकरण के साथ-साथ बागवानी और करीब 45 पिलरों को मॉयजिक टाइलें लगाकर और पेंटिंग कर उन्हें सुंदर बनाया गया है। पार्किंग क्षेत्र के दोनों ओर फुटपाथ बनाए गए हैं। आम जनता के बैठने के लिए 90 बेंचों की भी व्यवस्था की गई है।
अटल युग का अंत नहीं हो सकता, उनकी कविताएं रहेंगी जीवित : सीएम
आर्य महाविद्यालय के सभागार में सीएम ने ‘मुशायरे एक शाम अटल के नाम’ में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी जी वाजपेयी की कविताएं सभी के लिए प्रेरणादायी रहेंगी। वे देशभक्ति से ओतप्रोत एक ऐसे राजनेता, विचारक और अजातशत्रु थे, जिन्हें हर पार्टी के हर विचारधारा के लोगों ने याद किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी चाहे देश के प्रधानमंत्री के पद पर रहे हो या विपक्ष में रहे हों, उन्होंने देश के भीतर और बाहर देश का मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कहा कि वे ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे, जो हमेशा निडरता में रहे। वे मृत्यु से भी नहीं डरे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से जुड़ी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वे एक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए गए हुए थे, तब लोगों ने उन्हें फूलों के हार भेंट करने चाहे तो उन्होंने कहा कि मैं हार लेने नहीं, जीत लेने आया हूं। उनकी बातों में गहरे अर्थ छिपे हुए होते थे। सन 1998 में अमेरिका में अपने गुर्दे का इलाज करवाने के लिए गए तब उस वक्त उन्होंने निर्भय होकर कविता लिखी कि- ठन गई मौत से ठन गई, मौत की उम्र क्या है दो पल भी नहीं, जिंदगी सिलसिला आजकल की नहीं,मैं जी भरकर जिया-मैं मन से क्यों मरू, मैं लौटकर आऊंगा कूच से क्यों डरू।
मुख्यमंत्री ने इन्हीं पंक्तियों को उपस्थित श्रोताओं के समक्ष रखा और कार्यक्रम में पधारे सभी कवियों और शायरों से आह्वान किया कि वे अपनी प्रबुद्ध कलम से समाज का सही मार्गदर्शन करते रहें। सीएम ने कहा कि ऐसे मुशायरों के आयोजन से नई पीढ़ी उनके आदर्शों और सिद्धांतों को अपनाती रहेगी। उन्होंने इस मुशायरे के आयोजन के लिए हरियाणा उर्दू अकादमी की प्रशंसा की।
हरियाणा उर्दू अकादमी के निदेशक डॉ. नरेंद्र कुमार उपमन्यु ने अकादमी का विस्तृत ब्योरा रखते हुए कहा कि यह कार्यक्रम हरियाणा उर्दू अकादमी के 32वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित करवाया जा रहा है। यह 13वां कार्यक्रम है। पूरे साल में कुल 32 कार्यक्रम आयोजित करवाए जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम में भाग लेने पर अकादमी की ओर से धन्यवाद भी किया और अपने मासिक वेतन में से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 1 लाख 14 हजार रूपये का चैक मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भेंट किया।
इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस मौके पर परिवहन एवं आवास मंत्री कृष्णलाल पंवार, विधायक महीपाल ढांडा, विधायक रोहिता रेवड़ी, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रमोद विज, जिला परिषद की चेयरपर्सन आशु शेरा, पूर्व जिलाध्यक्ष गजेंद्र सलूजा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुनील सोनी, जिला महामंत्री देवेंद्र दत्ता भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में प्रसिद्ध शायर नवाज देव बंदी ने एक आंखों के पास है, एक आंखों से दूर, बेटा हीरा होता है, बेटी कोहिनूर जैसी शायरी के माध्यम से समाज पर कटाक्ष किया और दर्शकों को समाज के प्रति सोचने पर मजबूर किया।
कवियों ने अपनी इन कविताओं से बांधा समा
डॉ.नवाज बंदे साहब ने कहा कि...रोशनी का कुछ न कुछ इंसान होना चाहिए और बंद कमरे में भी रोशनदान होना चाहिए वह जो अनपढ़ है चलो हैवान है तो ठीक है हम पढ़े लिखो को तो इंसान होना चाहिए। हिंदू मुस्लिम चाहे जो लिखा हो माथे पर मगर आप के सीने में हिंदुस्तान होना चाहिए। योगेन्द्र मुदगिल ने कहा कि साहिब ताऊ बोल्या के नाक बढ़ी कर के गणेश बन जाऊं मैं फिर ताजे ताजे लड्डू रोज खाऊ मैफिर ताई बोल के जे गणेश बन ज्या तू तो निहाल हो ज्याऊ मै, हर साल गणपति विसर्जन प यमुना मै विसर्जित करके हर साल नया गणपति ले के आऊं मै। इस सायरी को सुन कर पूरा ऑडिटोरिम हसी से लौट पोट हो गया। महाबीर गुडडू ने भी अपनी कविताओं और चुटकलों से समा बांधा और श्रोताओं को मंत्र मुग्ध किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन पर आधारित ब्राउसर का विमोचन भी किया।