तार न हटाने पर बिजली निगम के खिलाफ किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
सनौली। सनौली रोड पर गांव कुराड फार्म के नजदीक स्थित डायमंड फैक्टरी के पास मजदूरों के क्वार्टर और दुकानों की छतों के ऊपर हाईटेंशन लाइन के तार लटक रहे हैं। इससे आए दिन हादसे होते रहते हैं, पिछले दिनों इन तारों की चपेट में आने से कुराड़ निवासी धर्मबीर झुलस गया था। तभी से ही ग्रामीण इन बिजली तारों को छतों के ऊपर से हटाने की मांग करते आ रहे हैं, मगर एक साल बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज लोगों ने बिजली निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने बताया कि हाई वोल्टेज बिजली के तार जर्जर हालात में हैं और कई बार टूट कर नीचे गिर चुके हैं। इसके बाद भी तारों को मकानों की छतों से नहीं हटाया जा रहा है। ग्रामीण गोपाल, सुरेंद्र, राजेंद्र, सत्ता, जावेद, अमजद, मेहरबान व ईश्वर का कहना है कि सनौली रोड कुराड़ फार्म के पास मकानों की छतों से हाई वोल्टेज बिजली के तार महज तीन फीट की ऊंचाई पर लटके हुए हैं। इससे हादसे होने का भय बना रहता है। पिछले दस माह से कई बार बिजली लाइन बदलवाने के लिए बिजली निगम के एसडीओ व हलका विधायक रविद्र मच्छरौली से मिल चुके हैं, लेकिन सभी जगह से आश्वासन ही मिले हैं। लटकते जर्जर तारों से कोई बड़ा हादसा न हो जाए इसके चलते ग्रामीणों ने खंभा न होने पर लकड़ी का पोल खड़ा कर रखा है। इस पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। चेताया कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो अब पावर हाउस पर धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे। वहीं इस बारे में छाजपुर सब डिविजन के एसडीओ एमआर हुड्डा का कहना है कि उन्हें बिजली के जर्जर तारों को बदलवाने के लिए एस्टीमेट बना कर भेजा है। एस्टीमेट पास होने पर मौका देखकर लटकते जर्जर तारों को बदल दिया जाएगा।
अफसर हैं कि चेतते ही नहीं...
सनौली। गांव सनौली खुर्द में नीचे लटकते बिजली तारों से होने वाले हादसों के बाद भी बिजली निगम तारों को ठीक करने की सुध नहीं ले रहा। गांव सनौली खुर्द निवासी मनोज शर्मा के सात वर्षीय बेटे ने बिजली के हाई वोल्टेज तार की चपेट में आने से दोनों हाथ और एक पैर खो दिया था। जिसके बाद परिजनों ने पंजाब हाईकोर्ट के बिजली निगम पर केस कर दिया था। पंजाब हाईकोर्ट ने 2 जुलाई 2011 को अपने फैसला सुनाते हुए पीड़ित को 60 लाख रुपये मुआवजा राशि देने की बात कही और वह राशि अब मिल भी चुकी है। लेकिन इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी बिजली निगम ने घरों के ऊपर से हाई वोल्टेज तार नहीं हटाई है।