अनाज मंडी में बारिश से बचने के लिए तिरपाल से ढका धान। संवाद
पानीपत। जिले में रविवार को दोपहर बाद बूंदाबांदी होने से अनाज मंडियों में रखा करीब एक हजार मीट्रिक टन धान भीग गया। हालांकि किसानों ने तिरपाल से धान की ढेरी ढक ली थी। बूंदाबांदी के बाद किसानों को खेतों में खड़ी फसल भी खराब होने का डर सता रहा है। मौसम विभाग ने दो दिन सामान्य होने के बाद फिर से मौसम के फिर करवट लेने की संभावना जताई है।
जिले में पीआर धान की कटाई हो चुकी है। किसान खरीद में देरी होने पर मंडी में डेरा डालने को मजबूर हैं। वहीं 1509 धान की आवक हो रही है और प्राइवेट मिलर इसे खरीद कर रहे हैं। सरकारी एजेंसियों के धान की खरीद तेज न होने से किसान पहले से परेशान थे। रविवार को सुबह ही हल्के से मध्यम बादल छा गए थे।
दोपहर बाद दो बजे हल्की से मध्यम बूंदाबांदी शुरू हो गई। किसानों ने तिरपाल से ढेरियों को ढक लिया। वहीं मौसम में आए इस बदलाव और लगातार छाए बादलों के बीच खेतों में पककर तैयार खड़ी 1121 किस्म की धान की फसल को लेकर किसान खासे चिंतित हैं।
डाहर गांव के किसान रामपाल ने बताया कि वह दो दिन पहले मंडी में धान लेकर आया था। खरीद और उठान सही समय पर न होने के कारण उनकी ढेरी खुले में पड़ी है। वह रविवार को बादल छाने पर मंडी पहुंचा। हल्की बूंदाबांदी के बीच ढेरी खुली पड़ी थी। उन्होंने तिरपाल से ढेरी को ढका।
इसमें कुछ देरी हो जाती तो नुकसान बढ़ जाता। महाराना गांव के सुरेश कुमार ने बताया कि खेतों में 1121 किस्म की धान की फसल कटाई के लिए तैयार खड़ी है। आसमान में बादल छाए रहने से उन्हें अपनी फसल के दाने काले पड़ने और पैदावार प्रभावित होने का डर सता रहा है।
शहरमालपुर के प्रदीप कुमार ने बताया कि मंडियों में न तो पर्याप्त प्रबंध दिख रहे हैं और न ही पीआर धान की नियमित खरीद हो रही है।
कृषि विज्ञान केंद्र उझा के जिला समन्वयक डॉ. सतपाल सिंह ने बताया कि आगामी तीन दिन मौसम सामान्य रहने की संभावना है, हालांकि इसके बाद फिर से हल्के से मध्यम बादल छा सकते हैं।