नगर निगम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हड़ताली कर्मचारी। संवाद
पानीपत। स्वच्छ सर्वेक्षण के टीम किसी भी दिन आ सकती है और शहर में सफाई के बुरे हाल हैं। नगर निगम सफाई कर्मचारियों के साथ जेबीएम के कर्मियों की हड़ताल के चलते औद्योगिक नगरी में कूड़े की स्थिति खतरनाक हो गई है। घरों के डस्टबिन में करीब 200 टन कूड़ा जमा है। वहीं शहर में सड़कों पर करीब 100 टन कूड़ा पड़ा है। निगम के प्रयास के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। ऐसे में लोगों को कूड़े के चलते परेशानी आने लगी है।
नगर निगम सफाई कर्मचारियों की हड़ताल वीरवार को सातवें दिन भी जारी। वहीं डोर-टू-डोर कूड़ा उठान में लगी जेबीएम कंपनी के कर्मी वेतन वृद्धि की मांग के लिए अलग से हड़ताल हैं। शहर में तीसरे दिन डोर-टू-डोर कूड़ा उठान नहीं हो पाया। इसके साथ समालखा नगरपालिका के कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं। ऐसे में शहर में वीरवार को तीसरे दिन भी डोर-टू-डोर कूड़े का उठान नहीं किया जा सका। जेबीएम के अधिकारियों ने कर्मियों से बात की। उन्होंने उनकी वेतन की मांग को पूरा करने का भरोसा दिया। जेबीएम के अधिकारी संजय ने बताया कि कर्मियों की मांगों को मान लिया गया है। कंपनी शुक्रवार को डोर-टू-डोर कूड़ा उठान शुरू करेगी। इसमें पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।
नगर निगम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हड़ताली कर्मचारी। संवाद
नगर निगम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हड़ताली कर्मचारी। संवाद