पानीपत। पानीपत टोल टैक्स पर ताश खेलते हुए किसान।
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पानीपत। डाहर और पानीपत टोल प्लाजा समेत कई स्थानों पर किसानों ने भारत बंद को लेकर रास्ते बंद रखे। इस दौरान उन्होंने करीब 10 घंटे का वक्त वहां गुजारा। बंद भले ही नौ बजे शुरू हुआ हो, लेकिन किसान सुबह छह बजे से ही पहुंच गए थे। शाम चार बजे का समय उन्हें हुक्का पीकर, रागनी सुनकर और ताश खेलते हुए काटा। उनका कहना था कि 10 घंटे ज्यादा नहीं है, वे 10 महीने से बार्डर पर डटे हैं।
गांव उग्राखेड़ी के पास जाम स्थित स्थल पर पहुंची महिलाओं ने भी अपने गीतों से हरियाणा के सीएम और भारत के पीएम पर निशाना साधा। इसके अलावा किसान गर्मी लगने पर धान के समय चलने वाले पंखों को आंदोलन स्थल पर लेकर आए और ट्रैक्टर चालू कर उन्हें चला दिया। जिस पर कुछ लोगों ने उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया। एक ट्रोलर ने लिखा कि ये किसान नहीं है, लोग जाम की वजह घंटों लाइन में लगे है और परेशान है और ये लोग मस्ती कर रहे हैं, कितने दिन और बैठेंगे, एक दिन तो उठना ही पड़ेगा। जिसका एक किसान ने हरियाणवीं में जवाब देते हुए कहा कि 10 घंटे घणे कोनी, हम तो 10 मीन्ने तै बॉर्डर पै हां, अर एक घंटे में थाम नै दिक्कत होगी, म्हारे उपर तै तो गर्मी, सर्दी, धूप सब गुजरै हैं, हाम फेर भी दिक्कत ना मान रे। म्हारे 700 किसान शहादत दे चुके है, किसान थारी खातर ही सड़क पै है। इतना कहते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने सराहना की।
पानीपत। पानीपत टोल टैक्स पर धरने दे रहे किसान साथ हुक्का भी पीते हुए।- फोटो : Panipat