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हरियाणा: यमुनानगर में बिजली निगम का एक्सईएन-लाइनमैन गिरफ्तार, ऑडिट में पकड़ा गया 49.29 करोड़ का गबन

Thu, 16 Jun 2022 08:40 PM IST
प्रशांत कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर। 

सार

बिजली निगम के एसई राजेंद्र कुमार का कहना है कि पानीपत सीआईए-टू की टीम यमुनानगर आई थी। वह एक्सईएन कुलवंत सिंह व लाइनमैन सोनू को साथ ले गई है। अब तक करीब 49 करोड़ रुपये का गबन चार साल के ऑडिट में मिला है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन व अन्य भत्तों में हुए फर्जीवाड़ा के आरोप में पानीपत सीआईए-टू ने बिजली निगम यमुनानगर के एक्सईएन कुलवंत सिंह व छछरौली सब डिवीजन के लाइनमैन सोनू को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को पुलिस अपनी गाड़ी में बिठाकर पानीपत सीआईए लेकर गई। पुलिस एक्सईएन व लाइनमैन सोनू को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी।

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पानीपत सीआईए-टू की टीम वीरवार सुबह ही यमुनानगर पहुंच गई थी। टीम सीधे एक्सईएन यमुनानगर कार्यालय में पहुंची जहां से उन्होंने कुलवंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। एक्सईएन को लेकर टीम बिजली निगम के एसई कार्यालय में आई। बताया जा रहा है कि निगम के कई अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार न करने की रिक्वेस्ट की, लेकिन पुलिस ने किसी की नहीं सुनी।

इसके बाद एक टीम छछरौली सब डिवीजन में कार्यरत लाइनमैन सोनू को गिरफ्तार करने चली गई। दोपहर को दानों को लेकर टीम पानीपत रवाना हो गई। एक्सईएन की गिरफ्तारी दिनभर चर्चा का विषय बनी रही। कुलवंत सिंह पहले जगाधरी डिवीजन के एक्सईएन थे। बाद में उनका तबादला यमुनानगर हो गया था। इससे पहले सीआईए बिलासपुर डिवीजन के एक्सईएन नीरज कुमार को भी गिरफ्तार कर चुकी है।

 

1093 लोगों के खाते में भेजे गए 49.29 करोड़ रुपये
फंडों में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद बिजली निगम ने जगाधरी डिवीजन का वर्ष 2018 से 2022 तक का ऑडिट कराया। जिसमें पता चला कि चार साल में ही निगम के कर्मचारियों ने करीब 49.29 करोड़ रुपये 1093 ऐसे लोगों के खातों में जमा कराए जिनका बिजली निगम से कोई लेनादेना नहीं था। यह राशि सेवानिवृत्त हो चुके बिजली निगम के कर्मचारियों की पेंशन व अन्य फंड से संबंधित थी। जिन लोगों के खातों में रुपये जमा होते थे उन्हें थोड़ा-बहुत कमीशन देकर रुपये खुद ले लेते थे।
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अब बिजली निगम ने 2016-17 व 2017-18 का भी ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। जब यह घोटाला हुआ तब कुलवंत सिंह जगाधरी डिवीजन के एक्सईएन थे। बाद में उनका तबादला यमुनानगर हो गया था। इसके अलावा एक्सईएन संजीव गुप्ता भी इसमें संलिप्त पाए गए। संजीव गुप्ता काफी पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
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