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दस रुपये में एक घंटे कर सकेंगे ई-बाइक की सवारी

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पंचकूला। शहरवासियों को जल्द ही नगर निगम की ओर से ई-साइकिल और ई-बाइक की सौगात दी जाएगी। इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में 20 स्टैंडों पर 100 ई-साइकिल और 100 ई-बाइक शुरू की जाएंगी। ई-बाइक का यह फायदा होगा कि लोगों को पैडल नहीं लगाना पड़ेगा और मात्र दस रुपये में शहरवासियों को एक घंटे के लिए सवारी मिल जाएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए मंगलवार को कंपनी के अधिकारियों ने मेयर और नगर निगम कमिश्नर को डेमो भी दिया।
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वहीं, उम्मीद की जा रही है कि तीन महीने में यह सुविधा शहर के लोगों को मिलनी शुरू हो जाएगी। नगर निगम इसके लिए कंपनी को प्रति ई-बाइक 85 हजार रुपये देगा। नगर निगम की ओर से एक प्रोडक्ट कंपनी को इलेक्ट्रिक साइकिल और इलेक्ट्रिक बाइक लगाने, स्टैंड बनाने के लिए पहले एक करोड़ 67 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके बाद मेंटेनेंस के लिए लगभग 79 लाख रुपये तीन साल के लिए दिए जाएंगे।
शहर में पहले से ही किराये की साइकिल की सुविधा नगर-निगम की ओर से दी जा रही है। मगर घग्गर पार क्षेत्र में यह सुविधा नहीं है। इसके साथ ही उस क्षेत्र में जाने के लिए बस की सुविधा भी न के बराबर है। अगर ऑटो से वहां आना-जाना हो तो यह बहुत महंगा पड़ता है। इसलिए उस क्षेत्र तक साइकिल सुविधा का विस्तार किया जाएगा। पहले से मौजूद साइकिल की अपेक्षा ये साइकिल ज्यादा मजबूत और आकर्षक भी हैं। इस साइकिल के लिए शहर में 20 नए स्टैंड बनाए जाएंगे। इनमें से इस बार ज्यादातर घग्गर पार के क्षेत्र में ही होंगे।
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एक बार चार्ज होने पर चलेंगी 35-40 किलोमीटर
यह ई-बाइक एक बार चार्ज होने के बाद 35-40 किलोमीटर का सफर तय करेंगी। इसकी दूरी ई-बाइक की यह दूसरी स्पीड और वजन पर भी निर्भर करेगी। इसके अलावा यह ई-बाइक 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक रफ्तार पकड़ सकेगी। हल्का-फुल्का सामान रखने के लिए इस साइकिल पर कैरियर भी लगाया जाएगा। इस ई-बाइक में रात के समय रोशनी के लिए लाइट और हॉर्न भी लगाया गया है। साथ ही डिस्क ब्रेक की सुविधा दी जाएगी।
जीपीएस सिस्टम होगा, शहर से बाहर नहीं ले जा सकेंगे
यह ई-साइकिल और ई-बाइक पूरी तरह से ऑनलाइन रहेंगी। इनको जीपीएस सिस्टम के साथ जोड़ा जाएगा और कंपनी के अधिकारी लगातार इनकी मॉनीटरिंग करते रहेंगे। इस साइकिलों को शहर की सीमा से बाहर नहीं ले जाया जा सकेगा। अगर साइकिल पंचकूला की सीमा से बाहर जाती है तो कंपनी के पास एक सायरन बजेगा। कंपनी की टीम मौके पर पहुंच कर साइकिल को वापस ले आएगी।
मोबाइल में इंस्टाल करना होगा एप
ई-साइकिल और ई-बाइक को किराये पर लेने के लिए मोबाइल में एक एप इंस्टाल करना होगा। इस एप से साइकिल के लॉक पर लगे बार कोड को स्कैन करना होगा। उसके बाद जितनी देर तक साइकिल का इस्तेमाल किया जाएगा, उसी के आधार पर पैसे कट जाएंगे। ये बाइक और साइकिल कहां और कितनी स्पीड में चल रही हैं उसकी पूरी जानकारी कंपनी को रीयल टाइम में शो होती रहेगी। रात को कंपनी की टीम साइकिलों को चार्ज करने या फिर उनकी बैटरी बदलने का काम करेगी।
ई-बाइक का सैंपल मंगलवार को जांच गया है। दो से तीन महीने में यह सुविधा लोगों को मिलनी शुरू हो जाएगी। यह शहरवासियों के लिए नया और बेहतर अनुभव होगा। यह प्रोजेक्ट पहले के प्रोजेक्ट की तरह की कामयाब रहेगा और लोगों को इसका काफी फायदा मिलेगा। - कुलभूषण गोयल, मेयर, नगर निगम
वर्जन::
नगर-निगम नए प्रोजेक्ट शुरू करके शहर के लोगों को बेेहतर से बेहतर सुविधा देने का प्रयास कर रहा है। ई-बाइक से लोगों को सुविधा तो मिलेगी ही साथ ही पर्यावरण का संरक्षण भी होगा। ई-बाइक में बैटरी खत्म होने के बाद पैडल से चलाने की सुविधा भी रहेगी। - धर्मवीर सिंह, नगर निगम कमिश्नर, पंचकूला
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