चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत महिला शिक्षकों को एक महीने की चाइल्ड केयर लीव अब ऑनलाइन मिलेगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने आवेदनों के लिए ऑनलाइन लिंक तैयार कर लिया है। इसे जल्द जारी किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन के बाद दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नियमानुसार छुट्टी मंजूर हो जाएगी। डाइट के कर्मचारियों का रुका हुआ तीन महीने का वेतन जल्द मिलेगा। नये नियम बनने के कारण इसे रोका गया हैं।
इसबीच, सेकेंडरी शिक्षा निदेशक डॉ. अंशज सिंह ने प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापकों, पीजीटी और टीजीटी के तबादलों को सिरे चढ़ाने के लिए निदेशालय के स्टाफ की शनिवार की छुट्टी रद्द कर दी है। 23 जुलाई को कर्मचारी, अधिकारी सभी शाखाओं में उपस्थित होकर रोजाना की तरह काम करेंगे ताकि तबादला प्रक्रिया से जुड़ा काम तय समय में पूरा किया जा सके।
अतिरिक्त निदेशक राकेश संधू ने हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल को शुक्रवार को बताया कि मेवात व मोरनी में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति, एससीईआरटी में किए गए तबादलों के आदेश जल्दी जारी किए जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल ने दो महीने बाद भी एसीपी के लिए सिटीजन चार्टर लागू न होने पर आपत्ति जताई, इस पर संधू ने कहा कि एसीपी के लंबित मामलों को निपटाने के आदेश संबंधित शाखाओं को जारी कर दिए गए हैं। प्रतिनिधिमंडल में राज्य प्रधान सतपाल सिंधू, पूर्व राज्य प्रधान दयानंद दलाल, राज्य संरक्षक वेद प्रकाश, राज्य चेयरमैन शैक्षणिक प्रकोष्ठ वजीर दलाल, राज्य उपप्रधान सुरेंद्र मलिक, राजेश ढुल, सुनील वर्मा, शशिकांत चौधरी, विक्रम सिसाय, राकेश दलाल, अजेंदर कुंडू मौजूद रहे।
अड़चनों के कारण तबादला प्रक्रिया हुई धीमी
एसोसिएशन के पूर्व राज्य प्रधान दयानंद दलाल ने कहा कि शिक्षा विभाग की अच्छी तबादला नीति दम तोड़ने लगी है। अफसर नीति को सही से लागू नहीं कर पा रहे। दलाल ने बताया कि वर्ष 2016 में यह नीति पहली बार लागू हुई थी। सरकार ने संगठन को उस समय आश्वासन दिया था कि नीति के लागू होने के बाद तबादलों को वार्षिक योजना बनाया जाएगा, प्रति वर्ष इसमें अपेक्षित संशोधन किए जाएंगे। लेकिन, छह वर्षों में मात्र तीन बार इस नीति से तबादले हो पाए हैं। जोन प्रारूप, कैप्ट वेकेंट पोस्ट आदि अन्य मुद्दों को लेकर दिए गए सुझावों को लागू नहीं किया गया है। तबादला प्रक्रिया के लिए पुरानी कंपनी से नई कंपनी को संबंधित डाटा और तकनीकी जानकारियां आदि उपलब्ध न होने से अड़चन आ रही है। मुख्यमंत्री तबादला प्रक्रिया को बिना अनियमितताओं के निश्चित प्रारूप के साथ संचालित करने के कठोर आदेश दें तो ही यह सिरे चढ़ पाएगी। हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के राज्य वित्त सचिव राकेश कुमार ने कहा कि लंबे अरसे से विभिन्न पदों पर पदोन्नत हुए छह हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी स्थायी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं, इनमें एक हजार से ज्यादा प्रधानाचार्य, एक हजार से अधिक मुख्याध्यापक, दो हजार से अधिक मौलिक मुख्याध्यापक और दो हजार से अधिक पीजीटी शामिल हैं। राकेश संधू ने शिक्षकों की बात सुनने के बाद कहा कि जल्द तबादलों का शेडयूल जारी किया जाएगा।