हरियाणा सरकार पंचायती राज संस्थाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला जनप्रतिनिधियों को पुरस्कृत करने जा रही है। महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने व प्रोत्साहित करने के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। गठबंधन सरकार उन महिलाओं को स्कूटी देगी, जिन्होंने पंचायती राज में बतौर जनप्रतिनिधि श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
सरकार ने ऐसी टॉप-100 महिला पंच-सरपंच, जिला परिषद और ब्लॉक समिति सदस्यों की सूची बनानी शुरू कर दी है। विकास एवं पंचायत विभाग का जिम्मा संभाल रहे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में शैक्षणिक योग्यता की शर्तें लगाने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गुणवत्ता बढ़ी है।
जिला परिषद, ब्लॉक समिति व पंचायत स्तर पर अपने-अपने गांव या वार्ड में कई महिला प्रतिनिधियों ने उल्लेखनीय कार्य किया है। इनमें से टॉप-100 कार्य करने वाली महिलाओं को इसी माह सरकार द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉसबिलटी (सीएसआर) के तहत होंडा कंपनी की 100 स्कूटी देकर सम्मानित करेगी।
चौटाला ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में सरकार महिलाओं की भूमिका को अधिक सुदृढ़ करने व समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने पर विचार चल रहा है।
इसके लिए सभी से फीडबैक ले रहे हैं। गठबंधन सरकार की दोनों पार्टियां अपने-अपने विधायक दलों की बैठक में इस विषय पर चर्चा कर चुकी हैं। अलग-अलग समाज के लोगों के सुझावों के बाद सरकार इस बारे में अंतिम निर्णय लेगी।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से दिखेंगे बेहतर परिणाम
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से निश्चित तौर पर बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे। गांवों में महिला सरपंचों के करवाए जा रहे विकास कार्यों सराहनीय हैं। महिला सरपंच गांवों में विकास कार्य करवाकर अपने गांव को एक रोल-मॉडल के तौर पर उभारने का कार्य कर रही हैं।
नया गांव में बायोगैस प्लांट स्थापित करना, सिरसी को हरियाणा का पहला लाल डोरा मुक्त बनाना बड़े कदम हैं। देश के 28 में से 20 राज्यों ने पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान कर रखा है। इस दिशा में हरियाणा भी आगे बढ़ेगा तो यह पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने के लिए दूरदर्शी कदम होगा।