पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से चुनाव के दौरान जनता से किए हर वादे को पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपनी सरकार का एक माह का लेखा जोखा पेश किया। साथ ही उन्होंने कड़े तेवर दिखाते पिछली सरकारों से प्रदेश पर चढ़े तीन लाख करोड़ के कर्ज का हिसाब लेने का भी एलान किया। चंडीगढ़ में पीएसटीसीएल के स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारों के पास पैसे की कमी नहीं होती। उन्होंने कहा कि सरकारी खजाने को भी जनता ही भरती है और उनकी सरकार का लक्ष्य है कि खजाने में जनता को उसका हिस्सा लौटाया जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य पर 3 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, लेकिन पिछली सरकारों ने आखिर यह पैसा कहां खर्च किया? क्योंकि न तो राज्य में कोई स्कूल, कालेज, यूनिवर्सिटी बनी, न अस्पताल बने तो जनता का यह पैसा गया कहां। इसके साथ ही मान ने कहा कि वह जानते हैं कि यह पैसा कहां-कहां लगा है और उनकी सरकार इसका हिसाब लेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह नहीं हो सकता कि हम इतना कहकर पल्ला झाड़ लें कि जो बीत गया सो बीत गया। मान ने कहा कि पैसे का पूरा हिसाब लिया जाएगा।
मान ने कहा कि उनकी सरकार ने भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई लाइन बनाई है और गैंगस्टर विरोधी टास्क फोर्स का गठन किया है।
इसके अलावा 25000 नई नौकरियों की घोषणा की है और घर-घर तक राशन पहुंचाने की योजना लागू की है। उन्होंने बताया कि 35000 कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की पहल की गई है और एक विधायक-एक पेंशन का महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया है। उन्होंने दावा किया कि आज तक किसी भी सरकार ने इतने कम समय में इतने काम नहीं किए हैं। मान ने कहा कि सरकार के खजाने में पैसे की कमी नहीं है, बल्कि कमी सिर्फ पिछली सरकारों की नीयत में थी। उन्होंने कहा कि आप ने लोगों को जितनी गारंटियां दी हैं, वह सभी पूरी की जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें कुछ समय लग सकता है, लेकिन सभी वादे निभाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश में आम आदमी पार्टी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो जनता से किए वादे पूरे करती है।
30 दिन में विपक्ष के हमले भी झेले
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने 30 दिन के कार्यकाल में जहां कई घोषणाएं और मजबूत फैसले लेकर यह संकेत दिए कि आप सरकार अब तक की राज्य सरकारों से बिल्कुल अलग है, वहीं 30 दिन की इस अवधि के दौरान कई ऐसे अवसर भी आए, जब विपक्ष ने भगवंत मान सरकार को निशाने पर लेने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ताजा मामला पंजाब के मुख्य सचिव और बिजली विभाग के अधिकारियों की भगवंत मान और पंजाब के बिजली मंत्री की अनुपस्थिति में अरविंद केजरीवाल से मुलाकात का रहा, जिसे लेकर विपक्ष ने आरोप लगाया कि पंजाब में भगवंत मान रबर स्टांप हैं और केजरीवाल सरकार चला रहे हैं। लेकिन भगवंत मान ने यह कहकर विपक्ष का मुंह बंद कर दिया कि वह अपने अधिकारियों को अन्य राज्यों में भी भेजेंगे और जहां से जो कुछ भी अच्छा मिलेगा, उसे पंजाब लाकर लागू करेंगे। विपक्ष द्वारा एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के गठन, प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, तीन माह के अंतरिम बजट के लिए बाजार से उधार लेने के मुद्दों पर भी मान सरकार को घेरने की कोशिश की गई, लेकिन संख्या बल में कमजोर विपक्ष मामूली बयानबाजी से आगे नहीं बढ़ सका।