चंडीगढ़। चंडीगढ़ शहर में अपार्टमेंट होंगे या नहीं, पांच साल से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन इस सवाल के जवाब का समय आ गया है। हाईकोर्ट ने याची व यूटी प्रशासन की दलीलों को सुनने के बाद वीरवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब हाईकोर्ट के फैसले पर शहर की निगाहें टिकी हुई हैं।
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने अपार्टमेंट के प्रावधान के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया था कि शहर में अपार्टमेंट का प्रावधान न होने केबावजूद प्रॉपर्टी को मंजिल के आधार पर बेचा जा रहा है। प्रशासन ने सीधे तौर पर ऐसा होने से इनकार करते हुए स्पष्ट कर दिया था कि शहर में प्रॉपर्टी को मंजिल के आधार पर नहीं बेचा जा रहा है। कोर्ट को याची पक्ष ने बताया था कि शहर विज्ञापनों से भरा पड़ा है जहां पर फ्लोर के अनुसार प्रॉपर्टी दिलाने का वादा किया जा रहा है। प्रशासन ने इन विज्ञापनों को गलत करार दिया था। यह विवाद पिछले 5 साल से हाईकोर्ट में विचाराधीन था। 1 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को आदेश दिया था कि अपार्टमेंट को लेकर दो सप्ताह में फैसला लिया जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट ने बीते दिनों से प्रतिदिन सुनवाई का क्रम आरंभ किया। पहले प्रशासन और फिर याची पक्ष की सभी दलीलों को सुनने के बाद अब वीरवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
यह है पूरा विवाद
शहर में प्रॉपर्टी को बेचने को लेकर असमंजस की स्थिति है। प्रशासन की दलील है कि शहर में कोई व्यक्ति चाहे तो प्रॉपर्टी में अपना हिस्सा तो बेच सकता है लेकिन इसे फ्लोर के अनुसार नहीं बेचा जा सकता। ऐसे में प्रॉपर्टी के यदि एक से ज्यादा मालिक हैं तो कैसे वह इसे बेचें और कैसे प्रशासन किसी को उसका हिस्सा प्रतिशत के अनुसार बेचने से रोक सकता है। यदि कोई अपना हिस्सा प्रतिशत में बेचता है तो उसका बंटवारा कैसे हो यह विवाद का विषय है।
यह था मामला
जनहित याचिका दाखिल करते हुए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट को बताया गया था कि शहर के मास्टर प्लान का उल्लंघन कर एक ही यूनिट में अलग-अलग अपार्टमेंट बना उसे बेचा जा रहा है। यदि ऐसा होने दिया गया तो शहर का मूल ढंाचा बर्बाद हो जाएगा। खासतौर पर चंडीगढ़ के उत्तरी सेक्टरों में अपार्टमेंट का प्रावधान यहां के लिए घातक साबित हो सकता है। अगर अपार्टमेंट के प्रावधान को मंजूरी दी गई है तो इससे शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बोझ काफी बढ़ जाएगा, क्योंकि जब एक ही प्लॉट्स की अगल-अलग मंजिल को अलग-अलग लोगों को बेचा जाएगा तो उस जगह पर जनसंख्या का घनत्व काफी बढ़ जाएगा। ऐसे में इन जगहों पर अधिक वाहन और उनके लिए पाकिंर्ग स्पेस की समस्या खड़ी हो जाएगी और ऐसा होना शुरू भी हो गया है।