शहर में शनिवार को हुई झमाझम बारिश ने जहां हुडा के प्रबंधों की पोल खोल थी। वहीं, लोगों का जीना मुहाल कर दिया। स्थिति ऐसी बन गई कि घरों में घुसे पानी को निकालने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मंगवानी पड़ी। इतना ही नहीं वार्ड पार्षद समेत लोग बाल्टियों से भी पानी को बाहर निकालते नजर आए। सड़क और गलियों में पानी जमा होने से वाहनों के पहिए थम गए।
चार घंटे की मूसलाधार बारिश के कारण वार्ड नंबर 13 का सेक्टर-19 लगभग बारिश में डूब गया। यहां सुबह सुबह सो रहे लोगों की नींद अपने बेड के नीचे भर आए पानी की वजह से खुल गई। इसके साथ ही पंचकूला के सेक्टर-20 के लाइट प्वाइंट, इंडस्ट्रियल एरिया, सेक्टर-11 और सेक्टर-20 में जलभराव की स्थिति रही। जलभराव के कारण पंचकूला में वाहनों के पहिए थम गए। सेक्टर-19 की गलियों में दो फुट तक बारिश का पानी भर गया।
सुबह 4 से 9 बजे तक हुई बारिश से शहर के चौक और गलियों में जलभराव की स्थिति नजर आई। सेक्टर-19 में बारिश का पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर गया और गलियों में खड़ी कारों में भी पानी चला गया। यहां के निवासियों के घरों का सामान खराब हो गया। सेक्टरवासी बाल्टियों से पानी को निकालते रहे, लेकिन जलभराव ज्यादा होने के कारण यह निकल नहीं सका। ऐसे में लोगों ने पानी निकालने के लिए फायर ब्रिगेड को बुलाया। फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंची और पानी निकाला।
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गलियों को करना पड़ा ब्लॉक
सेक्टर 19 की गलियों में जलभराव होने के कारण वाहन चालक तेजी से गुजरते है, इससे पानी का उछाल घरों में जा रहा था। इससे घरों की दिवारों पर मिट्टी के निशान भी पड़ गए। मजबूरन लोगों ने गली को अपने वाहनों से ब्लॉक कर दिया। इसके बाद कोई भी वाहन चालक गली से नहीं गुजर सका।
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इंडस्ट्रियल एरिया में भी जलभराव
पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 व 2 की सड़कों पर भी पानी जमा हो गया। इस वजह से हजारों की संख्या में कार्य कर रहे कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस वजह से काफी कर्मचारी तो अपनी कंपनी में पहुंच ही नहीं सके।
कई बार लगाई जा चुकी है गुहार
पंचकूला सेक्टर-19 के रेजीडेंट्स ने कई बार हुडा अधिकारियों के सामने जलभराव की समस्या को रखा है। इसका हल हुडा अब तक नहीं निकाल सका। वर्ष 2005 में पूर्व पार्षद ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी डाली थी जिसके बाद एक कमेटी का गठन किया गया लेकिन अब तक पानी की समस्या जस की तस है। पिछली बार बारिश के दौरान रेजीडेंट्स ने इसी समस्या को ट्रेन रोकी थी और जाम लगाया था जिसपर भी कोई एक्शन नहीं हुआ।
कोट्स
1- मानसून में बारिश होते ही हुडा के दावो की पोल खुल जाती है। हर जगह जलभराव की स्थिति होती है। इस तरफ हुडा को ध्यान देना चाहिए। हुडा की लापरवाही का खामियाजा हमें ही भुगतना पड़ता है।
सुशील धीमान, सेक्टरवासी
2- हुडा की तरफ से ड्रेनेज सिस्टम की समय पर सफाई नहीं करवाई जाती है। शहर में हर जगह ड्रेनेज सिस्टम कचरे की वजह से ब्लॉक रहते है। शिकायत मिलने पर हुडा को तुरंत एक्शन लेना चाहिए।
लक्की, सेक्टरवासी
3- सेक्टर 19 में हुडा की ओर से ड्रेनेज सिस्टम तो बनाए गए है, परंतु इनकी लेवलिंग सहीं ढंग से नहीं की गई है। इस कारण बारिश का पानी ड्रेनेज सिस्टम तक पहुंच ही नहीं पाता।
ममता, सेक्टरवासी
4- घरों में पानी प्रवेश होने की वजह से घरों का सामान बर्बाद हो गया है। जिसकी भरपाई हमें ही करनी पड़ती है। प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
जितेंदर, सेक्टरवासी
5- मेरी तरफ से हुडा को कई बार शिकायत की जा चुकी है, परंतु इस ओर कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं देता है। बारिश का पानी मेरे घर में भी प्रवेश हो गया है, जिसे सुबह से शाम तक बाल्टियों के सहारे निकालते रहे।
रविकांत स्वामी, पार्षद वार्ड नंबर-13