कालका। वाटर सप्लाई डिपार्टमेंट में लगे कच्चे कर्मचारियों ने मांगों को लेकर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि कोविड के समय में जान जोखिम में डालकर लोगों तक पानी पहुंचाया परंतु उन्हें कोरोना वॉरियर दर्जा तक नहीं मिला। विभिन्न बूस्टिंग स्टेशन्स व ट्यूब्वेल्स पर कार्य करने वाले 250 से ज्यादा कच्चे कर्मी है। पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि हम डीसी रेट पर अनस्किल्ड पद में कार्यरत हैं, जिसमें हम सभी 10 से 12 घंटे की ड्यूटी देकर नौकरी करते हैं जबकि हमें तनख्वाह सिर्फ पार्ट टाइम वेज के हिसाब से मिलती है। यदि हमें डीसी रेट के अंतर्गत कच्चे कर्मचारी के पद पर रखा जाए तो हमारा वेतन भी निर्धारित डीसी रेट के हिसाब से 17 हजार के करीब मिलेगा और हमारे खाते में जमा करवाए जाए तो पीएफ आदि भी काट कर पूरी सुविधाएं मिलेंगी।
पक्का करने की मांग
बिना किसी देरी के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में 3 साल से ज्यादा समय से काम करने वाले युवाओं को पक्का किया जाए। इसके साथ ही कच्चे कर्मियों की तनख्वाह में पीएफ आदि काटकर आउटसोर्सिंग पॉलिसी के फायदे दिए जाए। हमारे में से अधिकतर युवा 12-12 साल से भी ज्यादा समय से काम कर रहे है। ऐसे में युवाओं को पक्का किया जाना जरूरी है और कच्चे कर्मियों को समय पर वेतन भी दिया जाए।