चंडीगढ़। बीमार पत्नी की सुविधा के लिए मनीमाजरा निवासी एक व्यक्ति ने आर्थो गद्दा खरीदा था, लेकिन वह छह महीने में ही खराब हो गया। शिकायत के बावजूद कंपनी ने उसे नहीं बदला। इसके बाद मामला उपभोक्ता आयोग में गया। आयोग ने सुनवाई के बाद गद्दे की कुल कीमत 20 हजार रुपये लौटाने के साथ ही तीन हजार रुपये का मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करने के निर्देश दिए हैं। लौटाई जाने वाली राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज देना होगा। आदेश की प्रति मिलने के 45 दिनों के भीतर निर्देश का पालन नहीं करने पर मुआवजा की रशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज अदा करना होगा।
शिकायतकर्ता हरियाणा वेलफेयर काउंसिल फॉर रेसिस्टिंग करप्शन के पूर्व चेयरमैन व एमएचसी मनीमाजरा निवासी डॉ. प्रेम स्वरूप गौड़ ने मनीमाजरा स्थित बॉम्बे कलेक्शन और कर्नाटक के बंगलूरू के डिकेंशन रोड स्थित मेसर्स कर्ल-ऑन इंटरप्राइजेज लिमिटेड के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ दो में शिकायत दी थी।
जिला उपभोक्ता आयोग को दी शिकायत में डॉ. गौड़ ने कहा कि वे अपनी बीमार पत्नी के लिए उन्होंने 20 हजार रुपये में आर्थो गद्दा मनीमाजरा के बॉम्बे कलेक्शन से 6 नवंबर 2016 को खरीदा। इसकी तीन वर्ष की वारंटी थी, लेकिन छह महीने के अंदर ही गद्दे में खराबी आ गई। इस संबंध में बॉॅम्बे कलेक्शन को सूचित किया। गद्दा को बदलने का आश्वासन दिया गया लेकिन बदला नहीं गया। इस संबंध में कानूनी नोटिस भी भेजा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। दूसरे पक्षों ने उपभोक्ता आयोग में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है।