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यूक्रेन में युद्ध : हरमिलाप नगर पहुंची शेफाली, बोली-एक सप्ताह रहा खौफनाक

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पंचकूला। यूक्रेन में फंसी पंचकूला की एक बेटी शुक्रवार को सुबह 10 बजे सुरक्षित स्वदेश लौट आई हैं। यहां पहुंचने के बाद शेफाली ने बताया कि एक सप्ताह बहुत ही खौफनाक रहा। यह जीवन का सबसे बुरा दौर रहा। न खाने के लिए पर्याप्त भोजन था और न ही किसी की मदद। मगर हौसले और मजबूत इरादे के बलबूते पर वे उस मुश्किल दौर को भी पार कर गए। हालांकि पंचकूला के कुछ बच्चे अभी भी यूक्रेन में फंसे हैं तो कुछ हंगरी में पहुंच कर टिकट मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
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स्वदेश लौटी हरमिलाप नगर निवासी शेफाली ने बताया कि एक जंग तो रूस और यूक्रेन के बीच चल रही है, मगर दूसरी जंग विदेशी विद्यार्थी भी लड़ रहे हैं जो वहां पढ़ने गए थे। युद्ध शुरू होने के बाद हर पल मौत के साये में रहकर जिंदगी के लिए लड़ना बहुत ही खौफनाक है। बमों के धमाके और लोगों की चीख कलेजे को छलनी करतीं थीं। मगर इस सबके बावजूद स्वदेश लौटने की जद्दोजहद जारी रखनी पड़ती थी। शेफाली ने बताया कि यूक्रेन में हालात इतने खराब हो गए हैं कि विद्यार्थियों को वहां खाना नहीं मिल रहा है।
जब वे अपने हॉस्टल से चली थीं तो अपने साथ कुछ खाना और ड्राइफ्रूट लेकर निकली थीं। हालातों को देखकर बहुत ज्यादा भूख लगने पर ही उन्हें खाया। तब भी इतना ही खाया कि जिंदा रहा जा सके। वीरवार रात को ही शेफाली के पिता पवन शर्मा और बहन दीपाली दिल्ली पहुंच गए थे। शुक्रवार सुबह सवा 10 बजे शेफाली एयरपोर्ट पहुंचीं तो परिवार से राहत की सांस ली।
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जानते थे साथियों की जान कैसे बचानी है
शेफाली ने बताया कि पांच साल से डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही हैं। इसका फायदा यह रहा कि उन्हें पता था कि विपरीत हालात होने पर अपने साथियों की जान कैसे बचानी है। हालात में जो विद्यार्थी फंसे थे, वे सभी अलग-अलग विषयों की पढ़ाई कर रहे थे। इससे इस बात की उम्मीद थी कि अगर बमबारी में कोई घायल हो जाता है या किसी की तबियत खराब हो जाती है तो उसकी जान कैसे बचानी है।
आंचल की आज वापसी की उम्मीद, विशु रोमानिया में फंसा
सेक्टर-4 निवासी आंचल शर्मा के आज पंचकूला पहुंचने की उम्मीद है। उनके पिता राजेश शर्मा उसे लेने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। राजेश शर्मा ने कहा कि उम्मीद है कि शुक्रवार रात या शनिवार सुबह आंचल को फ्लाइट मिल जाएगी। जब तक वह घर नहीं लौट आती लगातार चिंता सता रही है। वहीं शेफाली ने बताया कि शहर के सेक्टर-15 निवासी विशु रोहिल्ला रोमानिया में फंसा हुआ है।
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