पंजाब सरकार ने लिया फैसला, 9 से 30 अगस्त तक ‘मेरी माटी मेरा देश’ मुहिम चलेगी
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत करवाया जा रहा है समागम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आजादी की जंग से लेकर देश की सरहदों की रक्षा करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के गांवों को अब अलग पहचान मिलेगी। सरकार की तरफ से उनके गांवों में स्मारक बनाकर श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके साथ ही 9 से 30 अगस्त तक ‘मेरी माटी मेरा देश’ मुहिम के तहत गांव स्तर से लेकर दिल्ली तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें मिट्टी एकत्रित कर दिल्ली ले जाई जाएगी। ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने यह खुलासा किया है। उन्होंने राज्य के युवाओं को इस समागम में शामिल होने का न्योता दिया है।
यह समागम केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय और युवा मामले विभाग द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव की समाप्ति के मौके करवाया जा रहा है। इसमें विशेष तौर पर देशव्यापी ‘मेरी माटी मेरा देश’ मुहिम चलाई जा रही है। इसके अंतर्गत देश के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, ड्यूटी के दौरान अपनी जिंदगी कुर्बान करने वाले रक्षा कर्मियों, केंद्रीय हथियारबंद पुलिस बलों और राज्य के पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
9 से 15 अगस्त तक पंचायत और गांव स्तर पर विभिन्न समागम करवाए जाएंगे और हरेक गांव के शहीदों और योद्धाओं को श्रद्धांजलि देने के लिए स्मारक बनाए जाएंगे। जहां गांव के सभी महान योद्धाओं के नाम अंकित किए जाएंगे। इसके साथ ही पंचायतों द्वारा देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, उनके वारिसों, रक्षा सेवाओं और राज्य पुलिस के सेवामुक्त जवानों और बहादुर योद्धाओं के परिवारों का सम्मान करने के लिए समारोह आयोजित किए जाएंगे।
युवा हाथ में मिट्टी लेकर लेंगे शपथ
ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ने बताया कि समागम के दौरान गांववासी अपने गांव की मिट्टी हाथों में लेकर शपथ लेंगे। इसके अलावा हरेक गांव में 75 पौधे लगाए जाएंगे। लोग अपने हाथों में मिट्टी लेकर शपथ लेते हुए सेल्फी लेंगे और इसको समर्पित वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि प्रत्येक पंचायत/गांव से एकत्रित की गई मिट्टी को नौजवान वॉलंटियरों और अन्य व्यक्तियों द्वारा ब्लाॅक स्तर तक ले जाया जाएगा। ब्लाॅक स्तर से सभी पंचायतों/गांवों की मिट्टी वाले कलशों को राष्ट्रीय राजधानी में ले जाया जाएगा। अगस्त के आखिरी हफ्ते में दिल्ली के कर्त्तव्य पथ में विशेष प्रोग्राम करवाया जाएगा, जहां देश भर में से लाई गई मिट्टी के साथ एक स्मारक बनाया जाएगा और विलक्षण बागीचा तैयार किया जाएगा और इस बगीचे में देसी पौधे लगाए जाएंगे।