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Panchkula News: नामांकन भरने के अंतिम दिन हंगामा, विवाद ने पकड़ा तूल

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चंडीगढ़। पंजाब में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के तहत नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन वीरवार को प्रदेश के विभिन्न इलाकों में खूब हंगामा हुआ और नामांकन न भरने देने के विवाद ने भी तूल पकड़ा। कांग्रेस, शिअद और भाजपा ने जहां इसे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताया वहीं शिअद ने तो हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर कर दी। उन्होंने पुलिस का एक वायरल वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि किस तरह विरोधी दलों के प्रत्याशियों को नामांकन भरने के लिए रोका जा रहा है।
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एक से लेकर चार दिसंबर तक इन चुनावों के मद्देनजर पूरे प्रदेश में नामांकन प्रक्रिया जारी रही। इस दौरान लगभग रोजाना नामांकन न भरने की शिकायतों को लेकर हंगामे होते रहे। वीरवार को कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने एक वीडियो वायरल कर बताया कि पंचायत समिति का चुनाव लड़ने के लिए नामांकन करने जा रही प्रत्याशी जोनी कौर के दस्तावेज सरेआम छीनकर एक व्यक्ति भाग गया और इसका वीडियो जारी हो गया। जोनी कौर पटियाला के हलका गन्नौर के खंड शंभूकला की मदनपुर पंचायत समिति से चुनाव लड़ना चाहती थी। इसी तरह डेराबाबा नानक में भी पुलिस की मौजूदगी में दो गुट भिड़ गए। यहां कुछ लोगों की पगड़ियां तक उतर गईं।
इन्हीं हालात के मद्देनजर पंजाब के मुख्य चुनाव आयुक्त राजकमल चौधरी ने वीरवार सुबह ही सभी जिलों के डीसी को तत्काल पत्र जारी उनसे नामांकन प्रक्रिया के दौरान सभी कर्मचारियों व अफसरों की दफ्तरों में उपस्थिति सुनिश्चित करवाने और नामांकन प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवा इसकी रिकॉर्डिंग जिला निर्वाचन कार्यालयों में जमा करवाने के निर्देश दिए थे। एनओसी और एनडीसी जारी करने में भी किसी प्रत्याशी को कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। इसके बावजूद प्रदेश भर के विभिन्न खंडों में हंगामे देखे गए।
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सीआरपीएफ की निगरानी में हो चुनाव : शिअद
सरकार के इशारे पर राज्य भर के पुलिस बल को नामांकन पत्र जमा करवाने में अड़चन पैदा करने संबंधी निर्देश जारी किए गए। इस संदर्भ में हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर दी है। याचिका में राज्य में पंचायत समितियों व जिला परिषदों के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए तत्काल न्यायिक सुरक्षा उपायों की मांग की गई है। कई जगह निजी सेना बनाकर राज्य की शांति भंग करने की कोशिश की जा रही है। चुनाव और मतगणना प्रक्रिया पूरी होने तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीआरपीएफ) या स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की तैनाती की मांग की गई है।
- सुखबीर बादल, अध्यक्ष, शिरोमणि अकाली दल

प्रत्याशियों को रात भर हिरासत में रखा : कांग्रेस
चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान राज्य में सत्ता का दुरुपयोग किया गया है। आप अपना आधार खो चुकी है और उसे इसका अहसास भी हो गया है। लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिशों के बावजूद ज्यादातर कांग्रेस उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल करने में कामयाब रहे। कई घटनाएं तो कैमरे में कैद हुईं। प्रत्याशियों को पूरी रात गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया।
- अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रदेशाध्यक्ष, पंजाब कांग्रेस


पूरा चुनाव चोरी करने की तैयारी : भाजपा
पंजाब में पुलिस का दुरुपयोग कर पूरा चुनाव चोरी करने की तैयारी चल रही है। इस काम में सरकारी मशीनरी का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है। भाजपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर इन चुनावों में वीडियोग्राफी कराने की मांग उठाई थी। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की टेली मीटिंग की जो ऑडियो बाहर आई है, वह लोकतंत्र की हत्या का सबूत है। भाजपा पंजाब में इस तरह की दबावपूर्ण हरकतों का डटकर विरोध करेगी। मुख्य चुनाव आयुक्त को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और लोकतंत्र की स्थापना के इस अहम संस्थान की निष्पक्षता को बनाए रखना चाहिए।
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- सुनील जाखड़, प्रदेशाध्यक्ष, पंजाब भाजपा
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