चंडीगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) व किसान मजदूर मोर्चा ने दिल्ली में बैठे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को खुली बहस की चुनौती दी है और इसके लिए 23 अप्रैल की तारीख भी तय कर दी है। मोर्चा के प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि इस बार लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवारों से सवाल पूछने का फैसला लिया था, लेकिन भाजपा उम्मीदवार ये कहते हुए उनके सवालों से भाग रहे हैं कि इनका जवाब दिल्ली में बैठे वरिष्ठ नेता ही दे सकते हैं। यही कारण है कि उन्होंने भाजपा के इन नेताओं को खुली बहस की चुनौती दी है। डल्लेवाल मंगलवार को चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान अन्य किसान नेता भी मौजूद थे। साथ ही उन्होंने बुधवार से शंभू बॉर्डर पर रेलवे ट्रैक जाम करने की चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि नवदीप सिंह, अनीश खटकड़, गुरकीरत सिंह की रिहाई नहीं हुई तो वह बुधवार को शंभू बॉर्डर पर रेलवे ट्रैक जाम करेंगे। पिछले 28 दिन से अनीश खटकड़ जेल में आमरण अनशन पर हैं और उनकी स्थिति नाजुक है। अगर उनकी सेहत बिगड़ती है तो उसके लिए हरियाणा सरकार जिम्मेदार होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा दोनों मोर्चों पर बिजली, पानी, सफाई, फायर ब्रिगेड जैसी मूलभूत सुविधाएं भी आंदोलनकारियों को नहीं दी जा रही हैं जिस से किसानों में भारी नाराजगी है।
डल्लेवाल ने बताया कि आने वाले समय में हरियाणा-पंजाब में यात्राओं का आयोजन कर के बड़ी जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। पुलिस प्रशासन द्वारा की गई हिंसा व नौजवान किसान शुभकरण सिंह की हत्या की हाईकोर्ट के आदेश पर जांच के लिए बनाई गई कमेटी में हरियाणा पुलिस के अधिकारी को शामिल करना उचित नहीं है, क्योंकि इस मामले में हरियाणा पुलिस स्वयं आरोपी है। उन्होंने कहा कि पीड़ित किसानों को हरियाणा पुलिस की जांच से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। शांतिपूर्ण आंदोलन करना सभी का लोकतांत्रिक व मौलिक अधिकार है। उन्होंने कोर्ट से अपील की कि कौमी इंसाफ मोर्चे को जबरदस्ती उठाने के फैसले पर पुनर्विचार करे और प्रशासन भी आंदोलनकारियों के साथ किसी भी तरह की तानाशाही न करे।
इस मौके पर अमरजीत सिंह मोहड़ी, अभिमन्यु कोहाड़, मंजीत सिंह घुमाना, सुखजीत सिंह, लखविंदर सिंह औलख, जंगसिंह भटेडी, बलदेव सिंह सिरसा, चमकौर सिंह, सतनाम बहरू, तेजवीर सिंह, कुलविंदर सिंह पंजोला आदि किसान नेता मौजूद रहे।