चंडीगढ़। हरियाणा में फील्ड में मौज कर रहे आईपीएस अधिकारियों के काम का रिकॉर्ड गृहमंत्री अनिल विज ने तलब कर लिया है। 15 दिन के अंदर अधिकारियों को यह बताना होगा कि उनके यहां पर कितने ऐसे जघन्य अपराध के मामले हैं और उनके निपटान के लिए अभी तक क्या कार्रवाई हुई है। इसके साथ ही सभी अधिकारियों को यह बताना होगा कि गृहमंत्री कार्यालय से भेजे गए मामलों का कितना निपटारा किया गया है।
इस मामले में एसपी, एसीपी और सभी डीसीपी से रिपोर्ट मांगी गई है। सचिवालय में उनकी रिपोर्ट आने के बाद डाटा का मिलना मुख्यालय स्तर पर मौजूद डाटा से किया जाएगा। अधिकारियों की मामलों के निस्तारण की क्षमता को देखा जाएगा। उसके बाद ही यह निर्णय होगा कि उक्त अधिकारी फील्ड में रहने लायक है या नहीं। गृहमंत्री के पास फील्ड से कई शिकायतें आती हैं कि आईपीएस अधिकारी अपने एसी कमरों और कैंप कार्यालय से जिला और कमिश्नरी चला रहे हैं। जिसके चलते जनता को धक्के खाने पड़ते हैं। जबकि अधिकारी समय पर अपने कार्यालय में नहीं पहुंचते तो उनके जूनियर भी नहीं पहुंचते हैं। यही नहीं गृहमंत्री को यहां तक बताया कि पहले आईपीएस अधिकारी घटनास्थल पर जाते थे। रात के समय जिले का चक्कर लगाते थे। अपराध पर संज्ञान लेते थे। अब रात के समय अधिकारी पार्टियों में व्यस्त रहते हैं। वहीं गृहमंत्री ने एनसीआर में लंबे समय से टिके अधिकारियों की भी रिपोर्ट तलब की है। कौन अधिकारी कितने से समय से कहां टिका है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद एनसीआर में भी हलचल मचना तय है।
कई अधिकारी ऐसे हैं, जो प्राइम पोस्टिंग पर बैठे हैं और एक केस नहीं साल्व करते। लिहाजा अधिकारियों को उनके काम की मेरिट के आधार पर फील्ड में पोस्टिंग दी जाएगी। मैं परफार्मेंस देखने के बाद ही पोस्टिंग दूंगा। - अनिल विज, गृहमंत्री हरियाणा