चंडीगढ़। भारतीय जनता पार्टी पंजाब के कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल के साथ भाजपा का राजनीतिक नहीं सामाजिक गठबंधन था। छोटी भूमिका को गठबंधन नहीं कह सकते हैं। तब पंजाब की एकता के लिए वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी की यह भूमिका तय की थी लेकिन अब हालात अलग हैं।
शर्मा शनिवार को पार्टी के एनआरआई सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पार्टी 117 में से सिर्फ 23 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी और छोटे से समूह में राजनीति कर रही थी। कुछ लोग इसे गठबंधन का नाम देते थे। शर्मा के इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है क्योंकि वर्ष 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच गठबंधन होने को लेकर चर्चा चल रही है लेकिन सीटों का बंटवारा इसमें नई चुनौती बन सकता है।
इससे पहले शर्मा ने पंजाबी प्रवासी समुदाय का हार्दिक स्वागत किया और पंजाब और भारत को वैश्विक पहचान दिलाने में उनके अमूल्य योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वभर में बसे पंजाबी हमेशा अपनी मातृभूमि की भावना को अपने हृदय में संजोए रखते हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य पंजाब के विकास से जुड़े एनआरआई समुदाय की चिंताओं और सुझावों को सुनना है।
नशे, कानून-व्यवस्था और आर्थिक मंदी जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए शर्मा ने प्रवासी समुदाय से पंजाब की समृद्धि के पुनर्निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। उन्होंने दोहराया कि भाजपा सीमावर्ती राज्य पंजाब में एकता, शांति, सुरक्षा और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि प्रदेश की पुरानी गरिमा को पुनः स्थापित किया जा सके।
सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि भाजपा सरकार एनआरआई के पासपोर्ट के रंग को नहीं बल्कि उनके भारतीय डीएनए को महत्व देती है जो उन्हें अपनी मातृभूमि से जोड़ता है। पंजाब को स्थिर नेतृत्व की आवश्यकता है। उन्होंने एनआरआई समुदाय से राज्य में आर्थिक विकास, औद्योगिक निवेश और सुरक्षा बहाली के लिए डबल इंजन सरकार का समर्थन करने की अपील की।
उन्होंने आश्वासन दिया कि भाजपा शासित राज्यों की तरह पंजाब में भी एनआरआई समुदाय को समान अधिकार और संरक्षण मिलेगा। उनके निवेश की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और पारदर्शी वातावरण प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख भाजपा नेताओं में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, राष्ट्रीय संसदीय बोर्ड सदस्य इकबाल सिंह लालपुरा, राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य (विदेश विभाग) अश्विन जोहर, पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अविनाश राय खन्ना, पूर्व मंत्री एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोरंजन कालिया, पूर्व मंत्री पंजाब मनप्रीत बादल, राणा सोढ़ी, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री सोमप्रकाश, पूर्व विधायक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष फतेह जंग बाजवा और भाजपा पंजाब के प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी उपस्थित थे।