मोहाली। पंजाब सरकार की ओर से रजिस्ट्री की तिथि को आगे बढ़ाने के बावजूद जिले के तहसील दफ्तरों में देर रात तक बिना एनओसी के रजिस्ट्री करवाने का सिलसिला चलता रहा।
जीरकपुर, डेराबस्सी, माजरी, खरड़ में रजिस्ट्री के लिए लाइनें लगी रहीं। जिले में एक दिन के भीतर करीब एक हजार से ज्यादा रजिस्ट्री हो गईं। मोहाली में 470 का स्लाॅट लिया गया था, जिसे अधिकारियों ने पूरा करने का प्रयास किया। डेराबस्सी, खरड़, माजरी में भी रजिस्ट्री का यही हाल रहा। मोहाली में रात करीब साढ़े दस बजे तक रजिस्ट्री चलीं। साढ़े नौ बजे तक यहां 410 रजिस्ट्रियां की जा चुकी थीं। खरड़ के तहसील दफ्तर में करीब 273 रजिस्ट्री हुईं। जीरकपुर और डेराबस्सी में करीब पांच सौ रजिस्ट्री अनुमानित हैं। तहसील कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान 410 से ज्यादा रजिस्ट्री हो गईं।
मोहाली के तहसील दफ्तर में रजिस्ट्री करवाने की अंतिम तिथि के कारण सुबह छह बजे से ही लाइन लग गई थी। उद्देश्य था कि जल्दी टोकन मिल जाए और जल्दी नंबर आ जाए, जिससे कि भीड़ के चक्कर में रजिस्ट्री न रुक जाए। पंजाब सरकार के निर्देशों के तहत मोहाली में भी देर रात तक रजिस्ट्री का काम चलता रहा।
मोहाली के जिला प्रशासनिक परिसर में रजिस्ट्री करवाने आए लोगों ने कहा कि वह काफी समय से यहां खड़े हैं, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा है कि लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इस रजिस्ट्री के लिए दफ्तर में अधिकारियों की टीम भी देर रात तक रुकी रही, जिससे कि कोई परेशानी न खड़ी हो सके।
एक अधिकारी ने बताया कि तहसील में आमतौर पर नब्बे से सौ रजिस्ट्री हो जाती हैं। हालांकि कुछ लोगों ने जब रजिस्ट्री की तिथि को आगे बढ़ाने की बात सुनी तो वह मोहाली और खरड़ से चले गए।