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Panchkula News: कछुआ चाल से चल रहा सेब मंडी का काम, 6 साल में बनी सिर्फ एक दुकान

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संवाद न्यूज एजेंसी
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पिंजौर।

हरियाणा सरकार ने जनता के 422 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम एचएमटी सेब मंडी के निर्माण पर बर्बाद कर दिए। यह आरोप शिवालिक विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव एडवोकेट विजय बंसल ने रविवार को लगाया। उन्होंने यह आरोप हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड से आरटीआई एक्ट के तहत मिली जानकारी के आधार पर लगाया है।
विजय बंसल ने बताया कि हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नवंबर 2018 में एचएमटी की खाली पड़ी जमीन पर एप्पल मंडी का निर्माण करने की घोषणा की थी। इसके बाद हरियाणा राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने एचएमटी की 78 एकड़ जमीन अधिग्रहण कर लिया था। निगम ने यह जमीन हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड को एप्पल मंडी निर्माण के लिए 250 रुपए करोड़ रुपए में दी थी।
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स्थिति यह है कि पिछले 6 वर्ष के दौरान एकमात्र दुकान का ही निर्माण हो पाया है, जबकि दुकानों के कुल 95 प्लॉट हैं। इनमें से कुल अलॉट प्लॉटों में से 60 का भुगतान आना बाकी है। नौ प्लॉटों का केवल 15% भुगतान आया है। तीन का 15% भुगतान बकाया है। जबकि, बोली के बाद 12 प्लॉटधारकों ने आगे की राशि ही जमा नहीं करवाई और 11 प्लॉट मार्केटिंग बोर्ड ने खुद रद्द कर दिए हैं।
आरटीआई में मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, मार्केटिंग बोर्ड ने कर्ज लेकर और अन्य स्रोतों से पैसे लेकर पिंजौर में एप्पल मंडी का निर्माण शुरू किया। पहले चरण में मार्केटिंग बोर्ड ने 19.54 करोड़ रुपये मंडी निर्माण में खर्च किए, जबकि दूसरे चरण में 152.72 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं। हालांकि, निर्माण कार्य अभी भी अधूरा पड़ा है। जमीन की राशि के अलावा मंडी निर्माण में अब तक 85 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। पहले चरण में जारी रकम में से केवल पांच फीसदी काम बाकी है। जबकि, दूसरे चरण में जारी की गई रकम में से केवल 50% ही काम हो पाया है।
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विजय बंसल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने अधिकारियों और अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से जनता के अरबों रुपए खर्च करके पानी में बहा दिए हैं। इस मंडी से न तो कालका के किसानों को लाभ पहुंचेगा न ही कालका क्षेत्र के युवाओं को इसका फायदा होगा। अब तक मंडी निर्माण पर जो खर्च किया है उसकी आधी रकम भी एचएमटी ट्रैक्टर फैक्ट्री पर लगाई जाती तो न केवल हजारों युवाओं को रोजगार मिलता, बल्कि ट्रैक्टर निर्माण से हरियाणा सरकार को राजस्व प्राप्त होता। बिजली, पानी आदि की खपत से भी सरकार को लाभ मिलता।
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