माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। रेलवे स्टेशन को पंचकूला साइड वर्ल्ड क्लास का स्वरूप देने का रास्ता साफ हो गया है। वर्ल्ड क्लास स्टेशन की राह में रोड़ा बने 1378 सफेदे के पेड़ों को काटने की मंजूरी वन विभाग से रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) को मिल गई है। नौ माह में वन विभाग और आरएलडीए के अधिकारियों के बीच कई दौर की बैठक के बाद 14 नवंबर को सफेदे के पेड़ों को काटने की मंजूरी मिली है। अब पंचकूला के एंट्री प्वाइंट पर रेल भूमि विकास प्राधिकरण की टीम काम करेगी और साथ-साथ ग्रीन एरिया भी विकसित करेगी।
करीब 462 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मॉडल पर अपग्रेड किया जा रहा। पंचकूला की तरफ लगे सफेदे के पेड़ों के चलते पुनर्विकास का काम समय पर पूरा नहीं पाता। अब 2024 अप्रैल तक वर्ल्ड क्लास रेलवे का काम पूरा होने की उम्मीद है।
अब दोनों तरफ होंगी एक समान सुविधा
अब तक रेलवे स्टेशन का पंचकूला की तरफ का हिस्सा विकास से अछूता रहा है। अब दोनों तरफ एक जैसी ही सुविधाएं देने की योजना रेलवे ने बनाई है। इसमें दोनों तरफ 15-15 टिकट काउंटर, बुक स्टाल, रिटेल शॉप, रेलवे ऑफिस, एक्ज्यूक्टिव लांज, सीसीटीवी और सर्विलांस रूम बनाया जाएगा। पंचकूला की तरफ जीआरपी पुलिस चौकी भी बनाई जाएगी। स्टेशन पर लिफ्ट की संख्या दो से बढ़ाकर 27 और एस्कलेटर की संख्या आठ से बढ़ाकर 11 कर दी जाएंगी। इसके अलावा पंचकूला की तरफ चंडीगढ़ साइड के मुकाबले बड़ी पार्किंग बनाई जाएगी, क्योंकि इस तरफ जगह की कमी नहीं है।
25 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित होगा स्टेशन
वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को 25 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। अभी प्लेटफार्म नंबर-4 और 5 पर काम चल रहा है। इसके बाद प्लेटफार्म नंबर दो और तीन पर काम शुरू होगा। नई बिल्डिंग 2053 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर ग्रीन कांसेप्ट पर बनाई जाएगी। स्टेशन काे 90 हजार पैसेंजर प्रतिदिन की क्षमता के मुताबिक बनाने की याेजना है। प्रोजेक्ट में जितनी भी कंस्ट्रक्शन होगी, वह ग्रीन बिल्डिंग की प्लेटिनम रेटिंग के आधार पर होगी। जिसमें एनर्जी कंजर्वेशन के लिए सोलर, वाटर ट्रीटमेंट के बाद इस्तेमाल हो सकेगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पार्किंग में चार्जिंग प्वाइंट होंगे।
वन विभाग ने रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) को करीब 1378 सफेदे के पेड़ों को काटने की मंजूरी दे दी है। इन पड़ों के काटने के बाद वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के निर्माण के साथ आरएलडीए को ग्रीन एरिया भी विकसित करना होगा। - टीसी नौटियाल, सीसीएफ चंडीगढ़