संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। प्रदेशभर के राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक वीरवार को अपनी मांगों को लेकर सेक्टर-5 धरना स्थल पर एकत्रित हुए।हरियाणा राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ के आह्वान पर दोपहर करीब डेढ़ बजे शिक्षक रोष प्रदर्शन कर सेक्टर-5 शिक्षा सदन के गेट पर पहुंचे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था। यहां शिक्षकों ने अपनी मांगों का ज्ञापन शिक्षा सदन के एडिशनल डायरेक्टर मीनाक्षी राज को सौंपा। इसके बाद शिक्षक वापस धरना स्थल पर पहुंचे।
संघ के प्रवक्ता डॉ. रवि शंकर ने बताया कि संघ अध्यक्ष डॉ. अमित चौधरी, उपाध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार, महासचिव डॉ. प्रतिभा चौहान, संगठन सचिव डॉ. सुनील कुमार, संयुक्त सचिव ज्योति दहिया और वित्त सचिव प्रियंका पिछले कई दिनों से प्रदेश के समस्त राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों से संवाद कर रहे थे। इसके बाद प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। संघ अध्यक्ष डॉ. अमित चौधरी ने बताया कि हरियाणा के समस्त राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों द्वारा सर्व सम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि सलेक्शन और सीनियर स्केल में नोटिफिकेशन के विरुद्ध इंटरव्यू जोड़ना और इंटरव्यू की परफॉर्मेंस के नाम पर प्रोफेसरशिप रोकने का विचार किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने पे-प्रोटेक्शन, एमफिल/पीएचडी व इंक्रीमेंट और ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विषय में संघ की मांगें ना मानने से शिक्षकों में भारी रोष है। संघ की महासचिव डॉ. प्रतिभा चौहान ने कहा कि शिक्षा सदन पहुंचकर उच्चतर शिक्षा विभाग के मुख्यालय पर प्रदेशभर के शिक्षकों द्वारा प्रदर्शन किया गया। यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मुख्यालय के हठधर्मी रवैए में बदलाव नहीं होगा। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की मांगों को लेकर कई बार मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री और अन्य उच्चाधिकारियों को कभी निजी तौर पर तो कभी ज्ञापन के माध्यम से सूचित किया गया, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
मुख्य मांगें
पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की जाए। रिक्तियों को भरने, यूजीसी की विसंगतियों को दूर करें, एमफिल-पीएचडी इंक्रीमेंट देने, विभिन्न स्तरों पर तुरंत-त्वरित पदोन्नति करने, यूजीसी के अनुसार रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष करने, कैशलेस मेडिकल स्कीम देने, सरकारी कॉलेजों के शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कामों से मुक्त करने और पदोन्नति में रूरल सर्विस की शर्त हटाई जाए।