पंचकूला। नगर निगम की लापरवाही शहर के सीनियर सिटीजन पर भारी पड़ रही है। नगर निगम की ओर से शहरवासियों को हाउस टैक्स के नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिनमें बहुत ज्यादा खामियां हैं। सेक्टर-15 निवासी व्यक्ति को दूसरी मंजिल का हाउस टैक्स भरने का नोटिस भेजा गया है, जबकि उन्होंने अभी तक दूसरी मंजिल बनाई ही नहीं है। इसका रिकॉर्ड ठीक करवाने के लिए प्लॉट मालिकों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बुधवार को सेक्टर-15 स्थित जैन भवन में हेल्प डेस्क लगाकर लोगों से अपनी प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड में त्रुटि ठीक करवाने के लिए फार्म जमा करवाए जा रहे थे। दोपहर एक बजे तक 25 लोग यहां पर अपना फार्म जमा करवा चुके थे। अभी एक सप्ताह तक लोग यहां पर अपना फार्म भरकर त्रुटियां ठीक करवा सकते हैं।
नगर निगम की ओर से हर साल शहरवासियों से हाउस टैक्स लिया जाता है। मगर नगर निगम के रिकॉर्ड में प्रॉपर्टी आईडी में जो जानकारी भरी गई है, उसमें पूरा गड़बड़झाला है। प्रॉपर्टी मालिकों के नाम गलत दर्ज किए गए हैं।
पड़ोसी को बना दिया प्रॉपर्टी मालिक, दोनों काट रहे चक्कर
जैन भवन में जानकारी अपडेट करवाने के लिए पहुंचे सेक्टर-16 निवासी सुभाष पपनेजा ने बताया कि प्रॉपर्टी रिकॉर्ड में उनके मकान का मालिक पड़ोसी दलजीत को दिखाया गया है और दलजीत के मकान का मालिक मुझे दिखा दिया गया है। अब इसको ठीक करवाने के लिए दोनों ही चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। इस बारे में अधिकारियों से बात करते हैं तो वे कहते हैं कि यह तो प्रॉपर्टी मालिकों को ही ठीक करवाना पड़ेगा।
नाम भी गलत लिखा और दूसरी मंजिल का टैक्स मांगा
सेक्टर-15 निवासी रामचंद्र ने बताया कि उनकी प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड में उनके नाम की जगह रामचंद कर दिया गया है। वे सेना में नायक पद से सेवानिवृत्त हैं। उन्हें दूसरी मंजिल का हाउस टैक्स भरने का नोटिस दिया गया है, जबकि अभी तक उन्होंने अपने मकान की दूसरी मंजिल बनाई ही नहीं है। पिछले साल भी जब हाउस टैक्स का नोटिस आया था तब भी यही गलतियां थीं और इन्हें ठीक करवाया गया था। लेकिन इस बार फिर से यही सब हो रहा है। अब इन गलतियों को ठीक करवाने के लिए वह अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
पिता का नाम ऐसे लिखा, पढ़ा ही नहीं जा रहा
सेक्टर-15 निवासी छोटूराम ने बताया कि हाउस टैक्स के नोटिस में पीआईडी के साथ उनका नाम गलत करके छोटोराम लिखा गया है। पिता का नाम मुखराम है। लेकिन नोटिस में जो लिखा है, वह पढ़ने में ही नहीं आ रहा है। 60 साल से ज्यादा उम्र हो गई है, मगर अब इन गलतियों को ठीक कराने के लिए धूप में नगर-निगम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
बुजुर्ग बोले- गलती निगम की तो हम क्यों भुगतें
गलतियां ठीक करवाने के लिए जैन भवन में पहुंचे सेक्टर-16 निवासी सुभाष पपनेजा, रामचंद्र और छोटूराम ने बताया कि नगर निगम ने कंपनी से शहर का सर्वे करवाया है तो रिकॉर्ड भी दुरुस्त रखना चाहिए। अगर रिकॉर्ड में गलती हो रखी है तो उसे नगर निगम की ओर से सुधारा जाना चाहिए, लेकिन यहां तो बुजुर्गों को ही लाइन में लगना पड़ रहा है।
बिना फाइल देखे कुछ नहीं कह सकते
बिना फाइल देखे मैं कुछ नहीं कह सकता। पूर्व सैनिकों को तो वैसे भी हर साल अपने जिंदा होने का सबूत पेश करना होता है, नहीं तो पेंशन बंद हो जाती है। हाउस टैक्स के नोटिस के साथ एक फार्म भी दिया जा रहा है। अगर किसी की जानकारी गलत है तो फार्म भरकर उसे ठीक करवा सकते हैं।
- दीपक सूरा, एमडीसी, नगर निगम, पंचकूला